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कांग्रेस के निष्कासित नेताओं ने सोनिया को लिखा पत्र, आंतरिक लोकतंत्र को बहाल करें, नहीं तो रसातल में चली जाएगी पार्टी

सोनिया गांधी को भेजे पत्र पर पूर्व सांसद संतोष सिंह, पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी, पूर्व विधायक विनोद चौधरी, राजेंद्र सिंह सोलंकी सिराज मेहदी, मधुर नारायण मिश्र व नेक चंद्र पांडे और युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वयं प्रकाश गोस्वामी व प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महामंत्री संजीव सिंह के हस्ताक्षर हैं

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Sep 06, 2020

कांग्रेस के निष्कासित नेताओं ने सोनिया को लिखा पत्र, आंतरिक लोकतंत्र को बहाल करें, नहीं तो रसातल में चली जाएगी पार्टी

कांग्रेस के निष्कासित नेताओं ने सोनिया को लिखा पत्र, आंतरिक लोकतंत्र को बहाल करें, नहीं तो रसातल में चली जाएगी पार्टी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. कांग्रेस पार्टी में जारी घमासान जल्द थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस से निष्कासित 9 नेताओं ने पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर उनसे परिवार के मोह से ऊपर उठकर काम करने की अपील की गई है। साथ ही कहा गया है पार्टी को महज इतिहास का हिस्सा बनकर रह जाने से बचा लें। पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस का कार्यकर्ता कभी इतना हताश नहीं रहा, जितना वह आज अपने को महसूस कर रहा है। प्रदेश में पार्टी अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। अगर शीघ्र ही आंतरिक लोकतंत्र को बहाल नहीं किया गया, तो पार्टी और अधिक रसातल में चली जाएगी। सोनिया गांधी को भेजे पत्र पर पूर्व सांसद संतोष सिंह, पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी, पूर्व विधायक विनोद चौधरी, राजेंद्र सिंह सोलंकी सिराज मेहदी, मधुर नारायण मिश्र व नेक चंद्र पांडे और युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वयं प्रकाश गोस्वामी व प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महामंत्री संजीव सिंह के हस्ताक्षर हैं।
इन नेताओं को करीब 10 महीने पहले कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाए जाने के कारण बाहर कर दिया गया था।

सोनिया के नाम भेजे पत्र में लिखा है कि पार्टी में लोकतांत्रिक मानदंडों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोकसभा और विधानसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं को साइडलाइन कर पार्टी मुख्यालयों पर ऐसे लोग बैठा दिए गए हैं, जो न तो पार्टी की विचारधारा से परिचित हैं और न ही कभी कांग्रेस के प्रारम्भिक सदस्य रहे। इन्हें यूपी में पार्टी को दिशा देने का काम सौंपा गया है। ये लोग उन नेताओं के प्रदर्शन का आंकलन कर रहे हैं जो 1977-80 के संकट के दौरान कांग्रेस के साथ चट्टान की तरह खड़े थे। ऐसे नेताओं को निशाना बनाकर उन्हें अपमानित किया जा रहा है और निकाला जा रहा है।

नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने का आग्रह
कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे पत्र में नेताओं ने नेताओं-कार्यकर्ताओं के मध्य संवाद को बढ़ावा देने का आग्रह किया है, जिसकी अभी कमी है। इसके चलते यूपी में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस निष्क्रिय से हो गए हैं। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आलाकमान हकीकत जानकर भी आंख मूंदे रहेगा तो कांग्रेस को यूपी में तगड़ा नुकसान होगा।

प्रियंका गांधी पर निशाना
चार पन्नों के पत्र में कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए सोनिया गांधी को परिवार से ऊपर उठने का आग्रह किया गया है। पत्र में लिखा गया है कि सोनिया गांधी परिवार के मोह से ऊपर उठें और पार्टी की लोकतांत्रिक परंपराओं को फिर से स्थापति करें। लिखा, आशंका है कि आपको राज्य मामलों के प्रभारी की ओर से मौजूदा स्थिति की सही से जानकारी नहीं दी जा रही है। बीते एक वर्ष से हम सब आपसे मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन मना कर दिया जाता है। हमने अवैध निष्कासन के खिलाफ अपील की थी, लेकिन केंद्रीय अनुशासन समिति इस पर अब तक विचार नहीं किया।