
श्याम लाल पाल के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट, लोगों से सतर्क रहने की अपील (फोटो सोर्स : सपा WhatsApp News Group)
Fake Social Media Account: समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उनके नाम और पद का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर बनाए गए फर्जी फेसबुक अकाउंट्स को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से संचालित किए जा रहे कई अकाउंट पूरी तरह फर्जी हैं और उनका उन खातों से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनता से ऐसे अकाउंट्स से सावधान रहने तथा तत्काल शिकायत करने की अपील की है।
प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल के दिनों में उनके संज्ञान में आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर उनके नाम, फोटो और पद का इस्तेमाल कर कई फर्जी प्रोफाइल और पेज बनाए गए हैं। इन अकाउंट्स के माध्यम से विभिन्न प्रकार की पोस्ट, संदेश और राजनीतिक टिप्पणियाँ साझा की जा रही हैं, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया जनसंपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसका दुरुपयोग कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग नेताओं की पहचान का गलत इस्तेमाल कर राजनीतिक भ्रम फैलाने और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
श्याम लाल पाल ने साफ शब्दों में कहा कि उनके नाम से चलाए जा रहे फर्जी फेसबुक अकाउंट्स से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी आधिकारिक सोशल मीडिया आईडी सीमित और सत्यापित माध्यमों पर ही संचालित होती है। जो भी अकाउंट संदिग्ध गतिविधि करते दिखाई दें, उन्हें वास्तविक न माना जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार फर्जी अकाउंट्स के जरिए गलत बयान, भ्रामक पोस्ट या विवादित टिप्पणियां प्रसारित कर दी जाती हैं, जिससे राजनीतिक और सामाजिक माहौल प्रभावित होता है। इसलिए लोगों को किसी भी पोस्ट पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करनी चाहिए।
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम नागरिकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को उनके नाम से संचालित संदिग्ध फेसबुक अकाउंट दिखाई देता है, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जागरूकता ही फर्जी गतिविधियों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी अकाउंट से निजी जानकारी साझा न करें और न ही बिना पुष्टि के किसी संदेश को आगे बढ़ाएं। फर्जी अकाउंट्स अक्सर लोगों का विश्वास जीतकर गलत जानकारी फैलाने या साइबर ठगी जैसे अपराधों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। नेताओं, अधिकारियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के नाम से फर्जी अकाउंट बनाना अब आम प्रवृत्ति बनती जा रही है। ऐसे मामलों में पहचान की चोरी (Identity Theft) और डिजिटल प्रतिरूपण (Impersonation) जैसे अपराध शामिल होते हैं। श्याम लाल पाल ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां केवल व्यक्तिगत छवि को नुकसान नहीं पहुंचातीं बल्कि लोकतांत्रिक संवाद को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने प्रशासन और साइबर सेल से भी ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने की अपेक्षा जताई है।
सूत्रों के अनुसार, फर्जी अकाउंट्स के संबंध में आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साइबर अपराध के तहत दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो लोग सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया लोकतंत्र की आवाज को मजबूत करने का माध्यम है, लेकिन इसका जिम्मेदारी से उपयोग किया जाना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सकारात्मक संवाद, समाजिक जागरूकता और विकास से जुड़े मुद्दों के लिए करें। उन्होंने कहा कि अफवाह और भ्रामक जानकारी समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करती है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सत्यापित जानकारी ही साझा करे और डिजिटल अनुशासन बनाए रखे।
Updated on:
27 Feb 2026 09:41 am
Published on:
27 Feb 2026 09:41 am
