
Fake injection
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मरीजों को नकली इंजेक्शन (Fake Injection) लगाने का मामला सामने आया है। ड्रग विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मामले में 10 से अधिक बुकियों के नाम सामने आये हैं, जिन पर शिकंजा कसा जा रहा है। कर्नाटक की फर्म से आगरा के राजू ड्रग हाउस ने नकली डेका-ड्यूराबोलिन-50 एमजी इंजेक्शन की 2600 वायल खरीदी थीं। इन्हें एक फर्म को बेचा, जिसने इंजेक्शन वापस कर दिये। इसके बाद राजू ड्रग हाउस ने अप्रैल में इन्हें हेमा मेडिकल स्टोर को बेच दिया। मेडिकल स्टोर ने 50 नकली इंजेक्शन आगरा में ही जबकि शेष कानपुर, लखनऊ और वाराणसी में बेच दिये। इन्हें मरीजों को भी दिए जाने की आशंका है।
कोविड मरीजों पर भी इस्तेमाल!
कोरोना संक्रमित मरीजों पर रेमडेसिविर के अलावा कई और इंजेक्शनों का भी इस्तेमाल किया गया। इनमें टोसिलोजुमाब और डेक्सा मीथासोन (डेक्सा) प्रमुख हैं। डेक्सा की अनुपलब्धता पर डाक्टरों ने दूसरे स्टेरायड का भी प्रयोग किया है, जिसमें डेका-ड्यूराबोलिन-50 इंजेक्शन भी शामिल है।
बोले ड्रग इंस्पेक्टर-
आगरा के औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि तीनों शहरों से कुछ माल बरामद हो जाए। वहां विभाग के अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा है। कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है। उनसे पूछताछ की जाएगी।
Published on:
13 Jun 2021 08:33 pm
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