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Lucknow Itaunja Toll: इटौंजा टोल पर फर्जी नंबरों का खेल, 900 ट्रक निकले फर्जी, जांच तेज

Fake Number Plate Racket Busted at Lucknow Toll Plaza:  लखनऊ के इटौंजा टोल प्लाजा पर फर्जी नंबरों का बड़ा खेल उजागर हुआ, एक महीने में 1600 ओवरलोड ट्रकों में से 900 के नंबर फर्जी पाए गए।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

•

Updated: 4 Apr 2026, 3:45 PM IST

एक महीने में 1600 ओवरलोड ट्रक पार, 900 के नंबर निकले फर्जी, मिलीभगत के संकेत (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

एक महीने में 1600 ओवरलोड ट्रक पार, 900 के नंबर निकले फर्जी, मिलीभगत के संकेत (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Lucknow Itaunja Toll Illegal Collection: राजधानी लखनऊ के इटौंजा टोल प्लाजा पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एक महीने के भीतर यहां से गुजरने वाले 1600 ओवरलोड ट्रकों में से करीब 900 ट्रकों के नंबर पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं। इस मामले ने न केवल टोल प्रबंधन बल्कि परिवहन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच में चौंकाने वाले खुलासे

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन ट्रकों के नंबर प्लेट ऐसे थे जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। कई नंबरों की जांच करने पर यह पाया गया कि न तो उनके चेसिस नंबर का कोई विवरण उपलब्ध है और न ही वाहन का कोई पंजीकरण रिकॉर्ड मिला। यह खुलासा दर्शाता है कि सुनियोजित तरीके से फर्जी नंबरों का इस्तेमाल कर टोल और परिवहन नियमों से बचने का प्रयास किया जा रहा था।

बेखौफ गुजर रहे थे ओवरलोड ट्रक

जानकारी के अनुसार, ओवरलोड ट्रक बिना किसी डर के टोल प्लाजा से गुजर रहे थे। नियमों के अनुसार ओवरलोड वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन यहां ऐसे ट्रक आसानी से निकलते रहे। इससे यह आशंका और मजबूत होती है कि पूरे मामले में अंदरूनी मिलीभगत हो सकती है।

FASTag की जगह नकद भुगतान

जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश ट्रक चालक FASTag का उपयोग करने के बजाय नकद भुगतान कर रहे थे। नियमों के तहत सभी वाणिज्यिक वाहनों के लिए FASTag अनिवार्य किया गया है, लेकिन यहां नकद लेनदेन के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा था।

मनमाने नंबरों पर काटी जा रही थीं रसीदें

सूत्रों के अनुसार, टोलकर्मी ट्रकों के वास्तविक नंबर के बजाय मनमाने या फर्जी नंबरों पर रसीद काट रहे थे। इससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा था।बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के जरिए दोगुना तक अवैध वसूली की जा रही थी।

एक नंबर से कई बार टोल पार

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि एक ही फर्जी नंबर का उपयोग कई बार टोल पार करने के लिए किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि संगठित स्तर पर चल रहा फर्जीवाड़ा है।

ट्रक पकड़े जाने पर खुला राज

जांच के दौरान एक ट्रक को रोका गया, जिसके नंबर की जांच करने पर वह पूरी तरह फर्जी निकला। इस ट्रक पर ओवरलोडिंग और फर्जी नंबर के इस्तेमाल के चलते 1,08,600 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया।

FIR दर्ज, जांच तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरोजनी नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस फर्जीवाड़े में कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने समय से यह खेल चल रहा था।

टोल कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल

इस पूरे मामले में टोल प्लाजा कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। जिस प्रकार से फर्जी नंबरों पर रसीदें काटी गईं और नकद लेनदेन हुआ, उससे बिना मिलीभगत के इस तरह का खेल संभव नहीं माना जा रहा है। यदि जांच में कर्मचारियों की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन सख्त, कार्रवाई के संकेत

प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह के फर्जीवाड़े से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि सड़क सुरक्षा भी प्रभावित होती है। ओवरलोड ट्रक सड़कों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाते हैं।