लखनऊ. यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए लश्कर-ए-तैयबा (lashkar e taiba) आतंकी सलीम खान (salim khan) की जड़े उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से जुड़ी हुई हैं। गत 17 जुलाई को मुबंई एयरपोर्ट से सलीम को मुंबई व यूपी एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया था। इसे शुक्रवार को स्थानीय कोर्ट में पेश कर यूपी एटीएस पुलिस कस्टडी रिमांड लेगी। इसके बाद सलीम एटीएस और पुलिस के सामने आतंकवाद से जुड़े कई बड़े खुलास कर सकता है। लेकिन इस पूरे मामले में चौकाने वाली बात ये है कि सलीम खान कभी किसान था। एक किसान किसानी छोड़कर आंतकवाद की राह पर कब और कैसे चल पड़ा यह भी जानना बेहद जरुरी है।
किसानी से आतंकवाद तक का सफर
- सलीम खान Uttar Pradesh के फतेहपुर जिले के हाथगांव का रहने वाला है।
- सलीम के पिता मुकीम खान का मुख्य पेशा किसानी था, सलीम ने भी पांचवी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी और किसानी करने लगा।
- सलीम के चार भाई अलीम, कलीम, मुस्तकीम, आसिफ और तीन बहनें राबिया, शाहीन व आशिया हैं।
- साल 2008 में सलीम का नाम आतंकी गतिविधियों में सामने आया।
- जनवरी 2008 में रामपुर में सीआईपीएफ कैंप पर आतंकी हमला हुआ, आठ जवान शहीद हुए। इस मामले में पकड़े गए आतंकियों को पनाह देने वालों ने सलीम खान के नाम का खुलासा किया।
- सलीम खान ने 2007 मुजफ्फराबाद आतंकी कैंप में पकड़े गए आतंकियों के साथ ट्रेंनिग भी ली थी।
- इसी साल सलीम ने पाकिस्तान (Pakistan) के मुज्जफराबाद में लश्कर के कैंप में भी आतंकवाद की ट्रेनिंग ली थी।
देखें वीडियों -
- एलआईयू रिपोर्ट के मुताबिक करीब 10 साल पहले फतेहपुर जिले से ही सलीम का पासपोर्ट जारी हुआ था।
- सलीम की शादी नाजमीन से हुई थी, फिर बीवी बच्चों को लेकर दुबई चला गया।
- घर वालों को इस पूरे प्रकरण में कभी पता ही नहीं चला कि सलीम ने किसानी छोड़ आतंक का दाम कब थाम लिया।
- पिछले आठ सालों से उसके परिवार वालों से उसे देखा तक नहीं।
- पांच महीने पहले सलीम के पिता की मौत हो गई थी, लेकिन उसने पिता की मिट्टी में भी नहीं लौटने से मना कर दिया था।
- एटीएस पूछताछ में पता चला था कि सऊदी में सलीम का वीजा खत्म हो चुका था और वह छुपकर रह रहा था।
- गत 16 जुलाई को सऊदी पुलिस ने उसे पकड़ कर मुबंई भेज दिया।
- अब यूपी एटीएस सलीम से गहरे राज उगलवाने की तैयारी में हैं।