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मनुष्य जीवन का बताया रहस्य

 निकटवर्ती जसोल कस्बे के एसएन वोहरा स्कूल में रामकथा आयोजन जारी है। मात राणी भटियाणी जसोल ट्रस्ट की ओर से हो रहे आयोजन में सोमवार को कथा वाचक मुरलीधर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है। इसके महत्व को समझते हुए परोपकार के कार्य करें।

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shantiprakash gour

Oct 27, 2015


जसोल में रामकथा

निकटवर्ती जसोल कस्बे के एसएन वोहरा स्कूल में रामकथा आयोजन जारी है। मात राणी भटियाणी जसोल ट्रस्ट की ओर से हो रहे आयोजन में सोमवार को कथा वाचक मुरलीधर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है। इसके महत्व को समझते हुए परोपकार के कार्य करें।

ऐसा करके ही भवसागर को पार किया जा सकता है।


उन्होंने कहा कि चौरासी लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य जन्म की प्राप्ति होती है। इस जन्म में अच्छे कार्य करके मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है। लेकिन जो व्यक्ति बुरे कार्य करता है, तब उसे वापस पशु सहित अन्य योनियों को प्राप्त करना पड़ता है। इसलिए मनुष्य जन्म के महत्व को समझते हुए सदैव अच्छे कार्यकरें। दीन दु:खियों की सेवा करें। उन्होंने कहा कि स्त्री के लिए पति धर्म ही सर्वश्रेष्ठ होता है। इसलिए स्त्री को सदैव पति की आज्ञा की पालना करनी चाहिए। आज्ञा की पालना करने वाली स्त्री के जीवन में कभी कष्ट नहीं आते हैं। माता पार्वती के पति शिव की आज्ञा नहीं मानने पर उन्हें अधिक कष्ट उठाने पड़े थे। पति की आज्ञा बिना पिता के बिना बुलावे उनके यहां जाने पर उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा था। कथा में प्रतापपुरी महाराज, जागसा महंत बालकवन, रावल किशनसिंह, भू-अभिलेख निरीक्षक फतेहसिंह राठौड़, केवल दास निम्बार्क, रामेश्वर भूतड़ा, मीठालाल जैन, वीरमाराम प्रजापत, घेवरचंद, थानाराम प्रजापत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।