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रॉक बैंड, कव्वाली संग भरतनाट्यम ने समां बांधा

- भारत महोत्सव आठवीं सांस्कृतिक संध्या

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Dec 07, 2021

रॉक बैंड, कव्वाली संग भरतनाट्यम ने समां बांधा

रॉक बैंड, कव्वाली संग भरतनाट्यम ने समां बांधा

लखनऊ , सम्पूर्ण भारत के कला संस्कृति के प्रतीक कांशीराम स्मृति उपवन आशियाना लखनऊ में चल रहे भारत महोत्सव 2021 की आठवीं सांस्कृतिक संध्या में रॉक बैंड, कव्वाली संग भरतनाट्यम ने समां बांधा। इसके पूर्व साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि क्रमशः विश्व भूषण मिश्रा अपर जिलाधिकारी ( प्रोटोकाल) और विशिष्ट अतिथि पार्षद कौशलेन्द्र द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और उपाध्यक्ष नरेंद्र बहादुर सिंह ने विश्व भूषण मिश्रा (ए.डी.एम. प्रोटोकाल) कौशलेन्द्र द्विवेदी, राम नरेश रावत और राजन तिवारी (पार्षद) को अंग वस्त्र, पुष्प गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेट कर भारत महोत्सव गौरव सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रियापाल, पवन कुमार पाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा तमाम दर्शक उपास्थित थे।

भारत महोत्सव की आठवीं सांस्कृतिक सन्ध्या का शुभारम्भ रिजा सिद्दीकी ने आई गिरि नन्दिनी पर भरतनाट्यम के पदम की मनोरम प्रस्तुति देकर किया। मन को मोह लेने वाली इस प्रस्तुति के उपरान्त रिवाईवल दा रॉक बैंड के कलाकारों ने रॉक गीतों पर श्रोताओं को खूब झूमाया नचाया। अभिन्न श्याम तिवारी (लीड गिटार), वेद तिवारी (बीट बॉक्सर), कृतिका कुमार (तबला), दिव्यांश कुमार श्रीवास्तव और करिष खन्ना (सह गायन) के संगीत संयोजन सचिन मिश्रा और अंजलि सिंह ने का करूं सजनी रॉक गीत को अपनी आवाज दी, तो श्रोता झूम कर नाच उठे।

इसी अनुशरण के अगले क्रम मे सचिन मिश्रा और अंजलि सिंह ने सम्वेत स्वरों में अपनी खनकती हुई आवाज मे मै हूं मै हूं डॉन, तुमसे मिल के दिल का हाल क्या कहे, तेरी मिट्टी मे मिल जावां रॉक गीत को सुनाकर श्रोताओं का दिल जीता। संगीत से सजे कार्यक्रम के अगले प्रसून में सचिन और अंजलि ने युगल गायन के तहत अपनी शिरीं जुबां में एक हसीना थी और लम्बी जुदाई जैसे अन्य रॉक गीतों को देर रात तक सुनाकर श्रोताओं को अपने साथ खूब झूमाया- नचाया। गुलाबी सर्द शाम कब गहरी अंधेरी रात में तब्दील हो गई श्रोताओं को इसका भान भी न हुआ।

मन को मोह लेने वाली इस पेशकश के बाद मोहम्मद फैजान ने अपनी मखमली आवाज़ में कौल -मन कून तो मौला से अपने कार्यकम का आगाज कर अल्लाह के बताये नेक रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया। परवर दिगार की रूहानी पेशकश के बाद मोहम्मद फैजान ने अपनी रूहानी आवाज मे छाप तिलक सब छिनी की मोसे नयना मिलाय के और दमादम मस्त कलंदर जैसी अन्य मदमस्त कव्वाली को सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इनके साथ कोरस पर मो.इरफान, मो. निसार और खंजड़ी पर शिव कुमार ने सार्थक संगत दी।