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कांग्रेस मुख्यालय के मालिकाना हक़ की कल खुलेगी फाइल, भेजा जा सकता है पार्टी को नोटिस

कल पता चलेगा आखिर कांग्रेस मुख्यालय पर बरसों पहले किसका था हक

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Jul 31, 2017

Congress Lucknow

Congress Lucknow

लखनऊ।
प्रदेश

के कांग्रेस मुख्यालय के मालिकाना हक को लेकर स्थिति अभी भी साफ नहीं
है। व्यापारी मनीष अग्रवाल द्वारा मुख्यालय पर अपना मालिकाना हक के दावे के
विरोध
में कांग्रेस इतने दिन बीतने के बाद भी अपना कोई भी साक्ष्य पेश नहीं कर
पाई है। वहीं विभागीय प्रमाण जुटा रहे नगर निगम के हाथ भी अब तक कुछ ख़ास
नहीं लगा है।

मामले के संज्ञान में आने के बाद नगर निगम ने रिकॉर्ड
रूम में पड़ी अपनी पुरानी फाइलों को तलाशना शुरू किया था। इसके लिए सोमवार
का वक़्त तय किया गया। समय पूरा होने पर भी नगर निगम इन फाइलों को ट्रेस
नहीं कर पाया है। मामले की जांच कर रहे कर अधीक्षक नरेंद्र देव ने बताया कि
फाइल रिकॉर्ड से डाक विभाग भेज दी गयी है। लेकिन डाक विभाग के कर्मचारी
चले गए थे। इसलिए अब ये फाइल कल ही मिल पाएगी। फाइल मिलने के बाद ही कोई
निर्णय लिया जा सकेगा। अगर रिकॉर्ड के दस्तावेज मनीष अग्रवाल के दस्तावेज
से मेल खाते हैं तो फिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को नोटिस भेज दस्तावेज
उपलब्ध करने की बात कही जाएगी।

नगर निगम को इन फाइल में ये तलाशना है कि आखिर 1986 में आखिर नगर निगम के दस्तावेज़ों में अचानक रामस्वरूम अग्रवाल और पद्मावती अग्रवाल के साथ मोहसिना किदवई का नाम कैसे जुड़ गया। किस आदेश या किसके आवेदन के बाद ये प्रक्रिया की गयी।
स्थिति को साफ करने के लिए इसे बेहद ज़रूरी माना जा रहा है।

दरअसल
मनीष अग्रवाल की ओर से दिए दस्तावेज में दर्शाया गया है कि 1986 में कांग्रेस
नेता का नाम मोहसिन किदवई केयर ऑफ कर के उनके दादा रामस्वरूप अग्रवाल और
पद्मावती अग्रवाल के नाम के साथ जोड़ दिया गया था। इस पर आपत्ति जताते हुए मनीष ने
कपिल अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, शशि अग्रवाल और अभिषेक अग्रवाल
के नाम पर म्युटेशन करने की आवेदन किया है।

वहीँ कांग्रेस पूरे
मामले के पीछे अलग स्टोरी बता रही है। उनका कहना है कि मालिकाना हक का दावा कर रहे पक्ष द्वारा सरकारी मीलों का काफी पैसा बकाया
हो गया था। इसी के चलते राज्य सरकार
ने उनकी इस जमीन को नीलाम करने के आदेश दिए थे। उसी नीलामी में यह जमीन
कांग्रेस द्वारा 3 लाख 75 हज़ार की ली गई है। यदि नोटिस आता है तो दस्तावेज़ पेश किये जाएंगे।