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सीएम योगी का है पद्मावत के साथ खास कनेक्शन!

फिल्म पद्मावत को लेकर हर ओर चर्चा में है। करणी सेना की ओर से इस फिल्म का विरोध किया जा रहा है।

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लखनऊ/अमेठी। फिल्म पद्मावत को लेकर हर ओर चर्चा में है। करणी सेना की ओर से इस फिल्म का विरोध किया जा रहा है। आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि सूबे के सीएम योगी आदित्याथ का भी इस फिल्म से खास कनेक्शन है। दरअसल पद्मावत फिल्म मलिक मोहम्मद जायसी की कालजयी रचना पद्मावत पर आधारित है। जायसी और सीएम योगी आदित्यनाथ के गुरु गोरक्षनाथ की जन्मस्थली एक ही है और दोनों ही बदहाली हैॆं।

अमेठी के जायस कस्बे में स्थित गुरु गोरक्षनाथ और जायसी का जन्म स्थान बदहाल हैं। करीब 15 बीघे से अधिक भूखंड पर स्थित गोरखनाथ मंदिर के पास अब सिर्फ पांच बीघे ही जमीन बची हैं। बाकी पर भू माफियाओं ने कब्जा जमा लिया है। मंदिर देख-रेख के अभाव में आज पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बस सिर्फ खंडहर ही बचा है। खंडहर में बाबा गोरक्षनाथ पिंडी के रूप में विद्यमान हैं। इसी के साथ ही मंदिर में तीन पिंड हैं जो इनके शिष्यों के बताए जाते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद जायस के लोगों को आज भी उनके यहां आने का इन्तजार है।

गोरखनाथ को लेकर तमाम कहनियां अमेठी में प्रचलित हैं। कहा जाता है कि एक बार गोरक्षनाथ के गुरु मतसेन्? नाथ ??ाथ यहां से गुजर रहे थे तभी रस्ते में एक ब्राह्मण महिला मिली, जो मायूस बैठी थी। महिला को देखकर मतसेन्द्रनाथ रुक कर उदासी का कारण पूछा। तब महिला ने बताया कि उसे कोई पुत्र नहीं है। इसके बाद मतसेन्द्रनाथ की उस महिला ने बहुत सेवा की जिससे प्रसन्न होकर मतसेन्द्रनाथ ने महिला को भभूती दिया और कहा कि इसे नहा-धोकर खा लेना इसके बाद वे वहां से चले गए. लेकिन महिला विधवा होने की वजह से लोक लज्जा के डर से भभूती को एक गोबर के ढेर में फेंक दिया. 12 वर्ष बाद उसी रास्ते से मतसेन्द्रनाथ गुजर रहे थे तो उसी उदास महिला को फिर से देख कर बोले की तुम्हारा पुत्र कहां है. महिला ने उन्हें सारी बात बता दी. तब मतसेन्द्रनाथ ने कहा कि मुझे उस गोबर के ढेर के पास ले चलो और वहां पहुच कर तीन बार गोरक्ष, गोरक्ष, गोरक्ष बोलो जिसके बाद वहां 12 साल का एक तेजस्वी 12 बालक प्रकट हुआ जिसे बाबा ने गोरक्षनाथ नाम दिया।

वहीं मंदिर की देखरेख करने वाले पुजारी के बेटे नरसिंह सोनकर की माने तो यह मंदिर करीब 15 बीघे में था, लेकिन 10 बीघे से ज्यादा भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया। अब गोरखनाथ के शिष्य मुख्यमंत्री बन गए हैं, तो उनको चाहिए कि जितनी भी जमीन कब्जा की गई है उसे खाली कराकर वहां एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाएं जिससे कि उनकी जन्मस्थली पर्यटन के रूप में डेवलप हो सके।