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भाजपा व कांग्रेस में FIR वॉर शुरू, अब अवनीश अवस्थी व आगरा डीएम के खिलाफ मामला दर्ज!

कांग्रेस और भाजपा में अब FIR वॉर शुरू हो गया है। मंगलवार शाम को लखनऊ के हजरतगंज थाने में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के सचिव संदीप सिंह व अजय कुमार लल्लू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

May 19, 2020

avnish awasthi

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लखनऊ. कांग्रेस और भाजपा में अब FIR वॉर शुरू हो गया है। मंगलवार शाम को लखनऊ के हजरतगंज थाने में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के सचिव संदीप सिंह व अजय कुमार लल्लू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने 1000 बसों की लिस्ट में गलत जानकारी दी थी। तो वहीं रात होते-होते यूपी सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी व आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज लिया गया है। यूपी कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार राजस्थान में एक कांग्रेस नेता की शिकायत पर धोखाधड़ी, जालसाज़ी और जानबूझकर आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोपों में अपर मुख्य सचिव (गृह) व आगरा डीएम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

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सोमवार से ही श्रमिकों के लिए बस चलाने के मामले में सियासत गर्माती दिख रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के एक हजार बसों के प्रस्ताव को योगी सरकार ने हरी झंडी दी तो प्रवासी श्रमिकों के चेहरे खिल उठे। लेकिन, अब बसों की लिस्ट और कागजात पर पेंच फंस गया है। यूपी सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि कांग्रेस के 1000 बसों की लिस्‍ट में कई 2-पहिया, ऑटो और माल वाहक हैं। इस पर सोनिया गांधी जवाब दें कि यह कैसे हुआ। क्या वो खुद भी इसमें शामिल है? मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस बसों के नाम पर ऑटो रिक्शा व मोटर साइकिल के नंबर भेजकर मजबूर मजदूरों को अपमानित न करे। यूपी कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय कुमार लल्‍लू ने सरकार पर भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर गलत नम्बर जारी कर राजनीति कर रही है। हमने बसों के ही नंबर उपलब्ध करवाए हैं, जिन्हें सार्वजनिक कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सियासत छोड़िए! ऐसे नाजुक वक्त में श्रमिकों की सेवा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। हम बस आपको सौंप रहे हैं। आपको भी इसे बिना राजनीतिक प्रपंच के सहर्ष स्वीकारना चाहिए, क्यूंकि मानवता पहले है। इस बीच अखिलेश यादव और मायावती बयानों ने भी राजनीतिक पारा और चढ़ा दिया है।

प्रियंका ने किया ट्वीट-

प्रियंका गांधी ने वीडियो ट्वीट करते हुए यूपी सरकार से एक हजार बसें चलाने के आग्रह किया था। सरकार ने हामी भरते हुए सभी बसें लखनऊ भेजने को कहा लेकिन, प्रियंका की मांग पर 500 बसें गाजियाबाद और 500 बसें नोएडा तक पहुंचाने को कहा। सरकार की ओर से कहा गया कि कांग्रेस सभी बसों के ड्राइवर व कंडक्टर के नाम और बसों के नंबर के साथ फिटनेस सर्टिफिकेट तय समय में दे। प्रियंका के निजी सचिव संदीप सिंह ने यूपी अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र लिखकर कहा कि ज्यादा बसें होने के चलते उनकी परमिट लेने में कुछ समय लग रहा है, जल्द ही सभी बसें यूपी बॉर्डर पर पहुंच जाएंगी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने योगी सरकार को संवेदनहीन बताते हुए मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने 16 मई को राज्य को पत्र लिखा था, लेकिन 48 घंटे तक सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया और अब बार-बार बसों के भेजने का स्थान बदलकर रोड़े अटकाने का काम कर रही है।

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लल्लू ने किया प्रदर्शन-

आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी था कि मंगलवार को शाम होते-होते मामला सड़क पर उतर आया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आगरा (यूपी)-राजस्थान बॉर्डर पर ऊंचा नंगला क्षेत्र में बसों को प्रवेश न दिए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जिसपर वहां मौजूद पुलिस को उन्हें हिरासत में लेना पड़ा, हालांकि पुलिस ने बाद में उनकी गिरफ्तारी की बात को नकार दिया है

दरअसल मंगलवार को उत्तर प्रदेश में फंसे श्रमिकों को राजस्थान भेजने के लिए कांग्रेस ने बसों का इंतेजाम किया था, लेकिन यूपी की सीमा पर आने पर उन बसों के प्रवेश करने नहीं दिया गया। इस पर दोपहर के वक्त कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप माथुर व अन्य नेता राजस्थान बॉर्डर की ओर जाने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां पहुंचने नहीं दिया। अजय कुमार लल्लू के साथ आई तीन गाड़ियों को वापस आगरा भेजने के लिए पुलिस पीछे आई। अजय कुमार लल्लू टोल प्लाजा से चकमा देते हुए मंडी मिर्जा खां होते हुए बॉर्डर पर जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन रास्ते में इंस्पेक्टर राजकमल बालियान ने ऐसा होने नहीं दिया और उन्हें रोक लिया।