
File of Shivling in Ayodhya by Lav kush
गोरखपुर से लेकर गाजियाबाद, मेरठ से लेकर चित्रकूट और सहारनपुर से लेकर कानपुर के बिठूर तक में कांवड़ियों ने शिव बोल बम कहते हुए जलाभिषेक और रुद्रभिषेक किए। सावन के पहले सोमवार को हर तरफ बस शिवमय वातावरण देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में भी पहले सोमवार पर अर्धनारीश्वर शिव मंदिर पर भक्तों की भीड़ बनीं रही। जहां स्थापित त्रिमूर्तिशिव प्रतिमा और शिवलिंग पर का अभिषेक किया गया। ललितपुर में मौजूद इस शिव मंदिर का ज़िक्र इस लिए भी करना जरूरी है क्योंकि ये चंदेलकालीन मंदिर 2000 बर्ष पुराना है। जहां मन्दिर के जल प्रपात से आज भी कई प्रकार से शरीर की कई बीमारियां ठीक होने की मान्यता है।
औरंगजेब को भी वापस जाना पड़ा
ललितपुर जिले में भी पहले सोमवार पर अर्धनारीश्वर शिव मंदिर विश्व प्रसिद्ध अर्धनारीश्वर भगवान शिव की अद्वतीय त्रिमूर्ति प्रतिमा भारत में कहीं भी नहीं है। इस मंदिर की खासियत यह भी है कि, यहाँ से औरंगजेब भी भगवान का चमत्कार देख नतमस्तक होकर वापस लौट गया था।
काशी में पहले सोमवार को सुबह ही हुए लाखों टन लीटर जलाभिषेक
भारत में परम्पराओं और संस्कृति की राजधानी काशी में सावन के पहले सोमवार को अपने आराध्य के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास का सैलाब टूट पड़ा है. हाथों में कलश लेकर हर कोई निकल पड़ा है अपने शिव को भक्ति के ज़ल से अभिषेक करने.
प्रयागराज का नागवासुकी मंदिर, अयोध्या में सरयू किनारे हुआ अभिषेक
प्रयागराज के गंगा किनारे स्थित नाग वासुकी मंदिर में भी भक्तों की लंबी लाइन बनी रही। जहां गंगा किनारे ही गंगा जल से रुद्र का अभिषेक किया गया। अयोध्या में सरयू किनारे भगवान श्रीराम के पुत्र लव और कुश द्वारा प्रतिष्ठित किए गए मंदिर में भी श्रीरामाय शिव के नारों के सरयू किनारे भक्तों की धूम मची रही।
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Published on:
18 Jul 2022 07:59 pm
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