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गोंडा. क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बेहद खतरनाक मोड़ पर आ गई है। बाढ़ का पानी तेजी से बढ़कर करनैलगंज तहसील क्षेत्र की 77 ग्राम पंचायतों के करीब 670 से अधिक मजरों को चपेट में ले लिया है। तथा पानी का बहाव तेज होने के चलते प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे हैं। अब घाघरा का पानी नालों के जरिये गोण्डा-लखनऊ मार्ग की ओर बढ़ने लगा है। पिछले 48 घंटे में करीब 20 गांवों के मार्ग ध्वस्त हो गये है तथा चार गांवों को जोड़ने वाली आधा दर्जन पुलिया बह चुकी है। वहीं घाघरा खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर पहुंच गई है।
घाघरा में छोड़े गये विभिन्न बैराजों से दो बार में करीब छह लाख क्यूसेक पानी ने करनैलगंज क्षेत्र में भीषण तबाही शुरू कर दी है। देखते ही देखते गांव एंव मजरे बाढ़ की चपेट में आते जा रहे है। एक तरफ ग्राम नकहरा के पास के पास से घाघरा का पानी धारा को मोड़ कर करनैलगंज की ओर बह रहा है तो दूसरी ओर बांसगावं के पास मंगलवार को कटे तटबंध से पानी का बहाव करनैलगंज की ओर ही हो गया है।
जिससे अब सरयू नदी में पानी बढ़ना शुरू हो गया है। इसके चलते जो गांव अभी तक बाढ़ से सुरक्षित माने जा रहे थे। उन गांवों में भी बाढ़ का पानी तेजी से घुसने लगा है। यही नहीं घाघरा के पानी से क्षेत्र के सभी नाले भी उफान पर आ गये हैं। जिनके जरिये पानी अब जरवल रोड़ के किनारे बसे गांवों के साथ ही गोंडा-लखनऊ मार्ग के किनारे बसे गावों में भरने लगा है। जिससे आशंका जताई जा रही है कि यदि घाघरा में पानी बढ़ने का सिलसिला नहीं थमा तो मार्ग पर पानी आने एंव मार्ग बंद होने की स्थिति भी आ सकती है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थिति बेहद खतरनाक मोड़ पर आ गई है। गांव के रास्ते धड़ाधड़ कट रहे हैं। मजरों तक जाने का कोई भी रास्ता अब सुरक्षित नहीं रहा। चचरी, पाल्हापुर से लेकर चरसडी, शाहपुर तक के सभी मार्ग जलभराव के चलते बंद हो चुके हैं। माझा जिससे करीब 400 से अधिक मजरों का सम्पर्क मार्ग से कट चुका है।
अकेले करनैलगंज तहसील क्षेत्र के करीब 70 ग्राम पंचायतों के 605 से अधिक मजरे बाढ़ की जद में हैं। इसके अलावा सीमा पर बसे बाराबंकी जिले की 9 ग्राम पंचायतों के 66 मजरे बाढ़ से बुरी तरह घिर गये हैं। जहां पानी कम था उन गांवों में पूरी तरह से जलप्रलय कर नौबत आ चुकी है।
चार सदस्यीय सपा नेताओं की टीम बाढ़ केंद्र पाल्हापुर पहुंची
गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष के निर्देश पर करनैलगंज के बाढ़ प्रभावित गावों का दौरा करने के लिए चार सदस्यीय सपा नेताओं की टीम पाल्हापुर पहुंची। जिसमें पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पण्डित सिंह, पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे, रणविजय सिंह, शमीम अच्छन चेयरमैन, फहीम अहमद उर्फ पप्पू ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पहुंचकर बाढ़ का जायजा लिया।
जहां मौजूद सैकड़ों की संख्या में लोगों ने नेताओं से अव्यवस्था की शिकायत की। उसके बाद सभी नेताओं ने नांव एंव मोटरबोट से गांव को देखने की तैयारी की तो नांव नहीं मिली और मोटर बोट उपलब्ध भी हुई तो बीच रास्ते में खराबी आ जाने से वापस होना पड़ा।
योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष ही बांध को मजबूत कराने के लिए 65 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो गई थी। मगर बांध को मजबूत नहीं कराया गया जिससे इस बाढ़ की त्रासदी को झेलना पड़ रहा है।
Published on:
18 Aug 2017 02:33 pm
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