
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में गरीबों और किसानों की गंभीर बीमारियों के इलाज में प्रदेश सरकार 2.50 लाख रूपये तक की मदद करेगी। इसके अलावा एक लाख रूपये तक के कृत्रिम अंग लगवाने में भी सरकार मदद करेगी। इस योजना का लाभ 75 हज़ार रूपये सालाना से कम आमदनी वाले किसानों सहित किसी अन्य काम में लगे लोगों को मिल सकेगा। इस योजना को मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना नाम से लागू किया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया है।
कम्पनी 45 दिनों के भीतर करेगी भुगतान
इस योजना का लाभ पीजीआई, केजीएमयू सहित किसी भी सरकारी मेडिकल संस्थान में इलाज कराने वाले मरीजों को मिल सकेगा। प्रमुख सचिव रजनीश दुबे ने बताया कि गरीबों और किसानों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था देने के मकसद से यह नई योजना लागू की गई है। इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मेडिकल कालेजों और संस्थानों को दी गई है। इलाज के 10 दिनों के भीतर सभी बिल बीमा कम्पनी को देना होगा और इसके बाद 45 दिनों के भीतर कम्पनी इसका भुगतान कर देगी।
18 से 75 वर्ष के लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ किसानों के अलावा अन्य काम में लगे लोगों को भी मिल सकेगा। राजस्व ब्लॉक अधिकारी से निर्गत पारिवारिक प्रमाण पत्र के आधार पर यह लाभ मिल सकेगा। दुर्घटना के बाद इलाज में भी इस बीमा योजना का लाभ मिलेगा। राजस्व अभिलेखों, खतौनी में दर्ज खातेदार और सहखातेदार इस योजना के पात्र होंगे। इसके अलावा किसी अन्य व्यवसाय में लगे लोग भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। योजना के लाभार्थी की वार्षिक आमदनी 75 हज़ार रूपये से कम होनी चाहिए और उम्र 18 वर्ष से 75 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
सभी बीमारियों के कवर होने का दावा
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन कहते हैं कि हमने अपने संकल्प पत्र में गरीबों-किसानों को मुफ्त बेहतर इलाज देने का वादा किया था। इस योजना में सभी को शामिल किया गया है। लगभग सभी गंभीर बीमारियों को इस योजना में कवर किया गया है।
Published on:
09 Dec 2017 12:28 pm
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