2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Health : अब ना हो परेशान नुकीले दांतों का होगा सही इलाज,जानिए कैसे

लखनऊ मेडिकल कॉलेज में दन्त विभाग के डॉक्टर अब नई तकनीक से करेंगे खराब दांतों का इलाज ,मिलेगी एक खूबसूरत मुस्कान।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Apr 08, 2023

 प्रदेश के सभी डेंटल कॉलेज से आए डॉक्टर

प्रदेश के सभी डेंटल कॉलेज से आए डॉक्टर

जो लोग पान , सुपारी गुटखा खाने से तनावपूर्ण, अव्यवस्थित जीवन शैली से प्राकृतिक दांत जल्दी घिस कर बहुत ही छोटे हो जाते हैं। जिसके बाद उन्हें भोजन करने में तकलीफ होती है तथा बोलने और देखने भी खराब लगता है। ये बातें एम्स नई दिल्ली के प्रोस्थोडोंटिक्स विभाग की हेड डा वीना जैन ने कही। हालांकि ऐसे खराब हुए दांतों को फुल माउथ रिहैबिलिटेशन की नयी तकनीक के माध्यम से ठीक किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: लखनऊ सीबीआई कोर्ट पहुंचा अतीक का बेटा उमर, आरोप तय


प्रदेश के सभी डेंटल कॉलेज से आए डॉक्टर

इंडियन प्रोस्थोडोंटिक्स सोसाइटी उत्तर प्रदेश ब्रांच का वार्षिक कांफ्रेंस से किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रोस्थोडोंटिक्स विभाग के सहयोग से किया गया। पहले दिन प्रदेश के लगभग सभी डेंटल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षक , एम डी एस के छात्र , छात्राएं , आर्मफोर्स के डेंटल सर्जन सहित लगभग 100 प्रस्थ डेंटिस्ट को दंत चिकित्सा के नये तकनीक से अवगत कराया गया ।

यह भी पढ़ें: Summer Season: गर्मियों में रखे अपनी ऑयली स्किन का खास ख्याल, जानिए तरीके

कृत्रिम आँख बनाने की भी दी गई जानकारी

तो वहीं महीडोल विश्व विश्वविद्यालय बैंकाक के चिकित्सकों की टीम ,दुर्घटना अथवा कैंसर से आंख निकल जाने वाले रोगी जनों के लिए कृत्रिम आँख बनाने की अलग-अलग डिफेक्ट में विभिन्न तकनीक से असली जैसा दिखने लायक बनाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई । प्रशिक्षित करने में प्रो बालेन्द्र , प्रो रघुबर, प्रो सुनीत जुरेल , डा नीति सोलंकी ने लाइव डिमांस्ट्रेशन दिया।

यह भी पढ़ें: Video: रक्षा मंत्री के घर के सामने से छात्राओं का समान चोरी, परीक्षा देने आई थी

डिजिटल तकनीक से समझाया आकर्षक बनाने का तरीका

डा. स्वाति गुप्ता ने खराब दिखने वाले दांतों को सुंदर बनाने में डिजिटल तकनीकी के प्रयोग से कम समय में आकर्षक बनाने के प्रक्रिया से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया । प्रोस्थोडांटिक्स विभाग के डा सौमेंद्र विक्रम सिंह, डा नीरज मिश्र ,डा कमलेश्वर सिंह , डा शुचि डा दीक्षा आर्या डा भास्कर अग्रवाल ,डा कौशल अग्रवाल ,डा लक्ष्य कुमार डा मयंक ने कॉन्फ़्रेंस को सफल बनाने में सराहनीय सक्रिय योगदान किया ।

Story Loader