अयोध्या में भव्य व दिव्य राम मंदिर के लिए सबसे अधिक धन जुटाएगा उत्तर प्रदेश

- राम मंदिर के लिए धन संग्रह अभियान मंकर संक्रांति से होगा शुरू
- अभियान के तहत देश को 44 प्रांतों में बांटा गया, सबसे अधिक छह यूपी के

By: Hariom Dwivedi

Published: 25 Nov 2020, 05:01 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
अयोध्या. रामनगरी में सात अरब रुपए से अधिक के खर्च से भव्य व दिव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। यह सारा पैसा चंदे से इक्ट्ठा किया जाएगा। धन संग्रह के लिए आरएसएस, विहिप और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मिलकर रणनीति बनाई है। इसके तहत राम मंदिर निर्माण के लिए देश भर में धन संग्रह अभियान मकर संक्रांति (14 जनवरी) से शुरू होगा, जो फरवरी के आखिर तक चलेगा। श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का लक्ष्य उत्तर प्रदेश से मंदिर के लिए सबसे अधिक धन जुटाना है। विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष व राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की संघ प्रमुख मोहन भागवत व अन्य पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को हुई बैठक में अभियान के क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तैयार की गई।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपने संगठनात्मक ढांचे को देखते हुए धन संग्रह अभियान के लिए पूरे देश को 44 प्रांतों में बांटा है, जिनमें सर्वाधिक छह बृज, मेरठ, कानपुर, अवध, काशी और गोरक्ष प्रांत उत्तर प्रदेश हैं। इनमें भी सबसे अधिक फोकस अवध, काशी और मेरठ पर है। राम मंदिर के लिए धन संग्रह अभियान के तहत प्रदेश के 1.35 करोड़ परिवारों से 100-100 रुपए और 44 लाख परिवारों से 10-10 रुपए चंदे के तौर पर लिए जाएंगे। यूपी के कुल 1.79 करोड़ परिवारों के तकरीबन 8.95 करोड़ सदस्यों (प्रति परिवार 5 सदस्य का औसत) को राम मंदिर से जोड़ने का लक्ष्य है।

ऐसे जुटाए जाएंगे 7 अरब रुपए
राम मंदिर के लिए देश भर से सात अरब से अधिक रुपये जुटाने की कार्ययोजना तैयार हो गई है। धन संग्रह अभियान के तहत 100-100 रुपए के कूपन से 6 अरब 88 करोड़ 52 लाख 50 हजार रुपए और 10-10 के कूपन से 24 करोड़ 92 लाख 50 हजार रुपए जुटाये जाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण धन संग्रह अभियान के तहत कुल 07 अरब 13 करोड़ 45 लाख रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। विहिप और आरएसएस के पदाधिकारियों को राम मंदिर धन संग्रह अभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया है।

समाज का मंदिर बनाने का संकल्प
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर कार्यवाह भैया जी जोशी ने कहा कि राम मंदिर सरकार का नहीं समाज का होगा। हम सबको इसके लिए एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। ऐसी कोशिश हो कि एक भी रुपये सरकार से नहीं लेना पड़े। जब समाज के लोग कमर कसकर अपनी प्रतिबद्धता जताएंगे व आर्थिक सहयोग करेंगे तभी श्रीराम का काम पूरा होगा। इसी से जन-जन के राम की अवधारणा भी फलीभूत होगी।

Ram Mandir
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