लखनऊ में कोरोनावायरस : अंतिम संस्कार के लिए लगी लम्बी लाइनें, 12 घंटे तक करना पड़ रहा इंतजार

शवदाह गृह के बाहर एंबुलेंसों की कतार लगी हुई है। सुबह से रात हो गई तब जाकर अंतिम संस्कार (Corona virus Patient Funeral) मौका मिल रहा है। बुधवार रात 11 बजे तक 27 संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों का पालन करते हुए विद्युत शवदाह गृह में किया गया।

By: Mahendra Pratap

Published: 08 Apr 2021, 05:11 PM IST

लखनऊ. राजधानी लखनऊ में दाह संस्कार (Corona virus Patient Funeral) के लिए 12 घंटे से अधिक समय तक का इंतजार करना पड़ रहा है। शवदाह गृह के बाहर एंबुलेंसों की कतार लगी हुई है। सुबह से रात हो गई तब जाकर अंतिम संस्कार मौका मिल रहा है। बुधवार रात 11 बजे तक 27 संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार कोविड नियमों का पालन करते हुए विद्युत शवदाह गृह में किया गया। लखनऊ सिर्फ दो ही स्थानों पर विद्युत शवदाह गृह है। आस-पास के कई जिलों में तो विद्युत शवदाह गृह नहीं हैं जिस वजह से लोग कोरोना संक्रमित शव का दाह संस्कार लखनऊ में करना पसंद करते हैं।

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दिक्कत को बयां किया :- बुधवार को मेडिकल कॉलेज प्रयागराज से रिटायर्ड डॉ. मिलिंद मुखर्जी के अंतिम संस्कार के लिए परिवारीजन सुबह से देर रात तक बैंकुंठ धाम भैंसाकुंड (baikunth dham) के विद्युत शवदाह गृह के बाहर एंबुलेंस में शव के साथ इंतजार करते रहे। साथ में आए डीके सिंह ने कहा कि सुबह दस बजे से बैठे है रात में नम्बर आया है। स्टाफ के पास पीपीई किट नहीं थी। हमने पीपीई किट इन कर्मचारियों को दी। बैकुंठ धाम में सिर्फ एक मशीन चल रही है। दूसरी बंद है। पंखे बंद हैं। उन्होंने कहाकि, लाइन इतनी लम्बी है कि अभी कई लोगों का नम्बर सुबह पांच बजे आएगा।

पड़ोसी जिलों से भी आते हैं :- सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि विद्युत शवदाह गृह पर जो शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे हैं। उनमें कई बाहर से आए मरीजों (Corona virus) के भी हैं। यहां लखनऊ में बाहरी जिलों के साथ दूसरे प्रदेशों से भी मरीज इलाज के लिए लखनऊ आते हैं। उनकी मौत के बाद कोविड प्रोटोकॉल को देखते हुए परिवारीजन यहीं अंतिम संस्कार करते हैं। इससे इनकी संख्या ज्यादा बनी हुई है।

एक से डेढ़ घंटे का लगता है समय:- गुलाला घाट पर विद्युत शवदाह गृह की जिम्मेदारी देखने वाले कर्मचारी गुड्डू वाजपेयी ने बताया कि आसपास के जिलों के शव आने से लम्बी कतार लग जाती है। बुधवार को रात 10 बजे तक 11 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। बैकुंठ धाम पर बुधवार देर रात तक 16 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। एक शव के अंतिम संस्कार में करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है।

आलमबाग में बनेगा नया विद्युत शवदाह गृह :- नगर निगम मुख्य अभिंयता विद्युत यांत्रिक, रामनगीना त्रिपाठी ने बताया कि अभी भैंसाकुंड और गुलाला घाट पर विद्युत शवदाह गृह हैं। अब एक और विद्युत शवदाह गृह आलमबाग में बनाने की तैयारी है। उसके लिए शासन से बजट जारी हो रहा है। बजट आते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।

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