
लखनऊ. आज पूरे देश गणेश चतुर्थी बड़े धूम धाम से मनाई जा रही है। गणेश चतुर्थी का पर्व मुख्य रूप से भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन प्रथम पूज्य श्री गणेश का प्राकट हुए थे। मान्यता ये भी है कि इस दिन भगवान गणेश जी धरती पर आकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। गणेश चतुर्थी की पूजा की अवधि अनंत चतुर्दशी तक चलती है, इस दौरान गणपति धरती पर ही निवास करते हैं।
इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 25 अगस्त से 05 सितम्बर तक रहेगा। गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त दोपहर 12.00 से 01.30 तक होगा। मान्यता है कि इस दौरान गणपति अपने भक्तों के सभी दुख और परेशानियों का अंत कर देते हैं। लेकिन इसके लिए गणपति को प्रसन्न करना जरूरी है।
इस गणेश चतुर्थी पर गणपति को खुश रखने के लिये ऐसे करें पूजा
- सबसे पहले गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना शूभ मुहुर्त यानी दोपहर तक करें। इसके साथ ही साथ एक कलश की भी स्थापित करें।
- मूर्ति की स्थापना के लिये लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर मूर्ति को स्थापित करें।
- मूर्ति की स्थापना के साथ इस मंत्र का उच्चारण जरूर करें - ऊं वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।
- गणेश चतुर्थी के दिन जलीय आहार ग्रहण करें या केवल फलाहार करें।
- स्थापना के बाद शाम को गणेश जी की विधि विधान से पूजा अर्चना करें और उनके सामने घी का दीपक जलाएं।
- गणपति को अपनी उम्र की संख्या के बराबर लड्डुओं का भोग लगाएं। साथ ही उन्हें दूब भी अर्पित करें। फिर अपनी इच्छा के अनुसार गणपति के मन्त्रों का जाप करें।
- इसके बाद चन्द्रमा को नीची दृष्टि से अर्घ्य दें। क्योंकि चंद्र दर्शन से आपको अपयश मिल सकता है। अगर चन्द्र दर्शन हो ही गया है तो उसके दोष का तुरंत उपचार कर लें। पूजा के बाद सभी को प्रसाद बांटें।
Published on:
25 Aug 2017 10:26 am
