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- गणेश चतुर्थी पर बन रहा दो शुभ संयोग - लंबे समय बाद गणेश चतुर्थी पर दो शुभ योग और ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा

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लखनऊ. 2 सितंबर से दस दिवसीय गणेशोत्सव (Ganesh Chaturthi) की शुरुआत होगी। गणेश चतुर्थी पर लंबे समय बाद कई शुभ संयोग बन रहे। हिंदु पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी त्योहार मनाया जाता है। इत तिथि पर भगवान गणेश का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की विधिवत पूजा की जाती है। लंबे समय बाद गणेश चतुर्थी पर दो शुभ योग और ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है।

गणेश चतुर्थी पर शुभ संयोग

एक ओर ग्रह नक्षत्रों की शुभ स्थित से शुक्ल और रवियोग बनेगा, वहीं दूसरी ओर सिंह राशि में चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है। ग्रहों और सितारों की शुभ स्थिति के कारण त्योहार का महत्व और शुभता और बढ़ जाएगी। ग्रह-नक्षत्रों के इस शुभ संयोग में गणेश प्रतिमा की स्थापना करने से सुख-समृद्धि और शांति मिलेगी। आज के दिन चित्रा नक्षत्र और चतुर्थ तिथि का संयोग भी बन रहा है।

गणेश चतुर्थी पर शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी के दिन गणपति की पूजा दोपहर के समय करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि भाद्रपद महीने के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को मध्याह्न के समय भगवान गणेश का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में अभिजित मुहूर्त के संयोग पर गणेश भगवान की मूर्ति की स्थापना करना शुभ होगा।

स्थापना और पूजा का समय: गणपति की स्थापना और पूजा का समय 11 बजकर 5 मिनट से दोपहर 1 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।

चंद्रमा न देखने का समय: सुबह 8 बजकर 55 मिनट से रात 9 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।

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