बाराबंकी जिले के रफीनगर गांव में तेल पूजन के दौरान गैस सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गयी और इतने ही लोग झुलस गये। जिस घर में हादसा हुआ , वहां ख़ुशी का माहौल था क्योंकि आने वाली 29 अप्रैल को लल्लाराम की शादी थी।
लल्लाराम की माता ब्रजरानी (65) बूढी होने के बावजूद पूरी जी जान से अपने लाडले की शादी की तैयारी में लगी थी और उनकी आँखों में ख़ुशी साफ़ झलक रही थी लेकिन अचानक एक धमाके ने बृजरानी की ख़ुशी को भयानक दुःख में तब्दील कर दिया। पूरे घर में केवल अँधेरे और शोर-शराबे की ही आवाज आ रही थी। घटनास्थल पर पहुंची बृजरानी ये देखकर एकदम घबरा गयी लेकिन उन्होंने हिम्मत बनाये रखी।
अपने नाती -पोतों और अन्य रिश्तेदारों के जले हुए शरीर को हाथों में उठाकर , दूसरे लोगों की सहायता से गाडी पर बैठाकर लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया। गांव के निवासी श्याम ने बताया कि झुलसे लोग तड़प रहे थे लेकिन बृजरानी उन्हें ढांढस बंधा रही थी।
आँखों के तारों ने तोड़ा दम
लल्लाराम की मौसी, मामी, मौसी की नाती, भांजा गोलू (4 )और भांजी ख़ुशी (3) सहित दो परिवार के लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बृजरानी के आँखों के तारे उनके सामने तड़प-तड़प कर मर रहे थे और वह उनकी सेवा करने में जुटी हुई थी। उनकी आँखों से लगातार आसूं बह रहे थे लेकिन उन्होंने अभी भी हौसला बनाए रखा था।
शादी बनी काल
लल्लाराम की शादी उनके लिए काल बन गयी थी। मरने वालों में सभी उनके अपने ही थे।
सोनम (3), आदित्य (4), विवेक (2), खुशी (3), गोलू (4), दूल्हा लल्लाराम की मौसी कलावती (55) और बड़ी मां ज्ञानवती (55) हैं। जबकि घायलों में दूल्हा सहित ममता देवी (20), पडोसी ममता देवी (18), रोली (10), अंशिका (4), रोशनी (7), रानी (27) शामिल हैं।
मंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
उत्तर प्रदेश सरकार में ग्राम्य विकास मंत्री व समाजवादी पार्टी यूपी संगठन महासचिव अरविन्द कुमार सिंह "गोप" पीड़ितों से मिलने सिविल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचकर मंत्री ने .मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से दूरभाष पर वार्ता की और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख व घायलों को 50-50 हजार का मुआवजा की घोषणा की और घायलों का अच्छे से अच्छा और मुफ़्त इलाज की घोषणा भी की।