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हर गली मोहल्ले में नहीं लग सकेंगे गेट,अपने खर्च पर गॉर्ड रखना ज़रूरी

अब दिल्ली की तर्ज पर गेट लगाने को लेकर नियम बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

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लखनऊ

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Dikshant Sharma

Aug 20, 2017

Lucknow Nagar Nigam

RWA

लखनऊ। मौजूदा समय में राजधानियों की कोलोनिओं में गेट लगाने को लेकर कोई नियम नहीं है। मनमुताबित एरडब्लूए या कॉलोनी वासी गेट न लगाएं इसके लिए निगम ने एक कमिटी गठित की है। ये कमिटी दिल्ली नगर निगम के प्रावधानों का अध्ययन किया कर रही है। दिल्ली में कुछ शर्तों के तहत सुरक्षा को लेकर कॉलोनी में गेट लगाने की अनुमति दी जाती है। लेकिन लखनऊ में जो गेट लगाए गए हैं उन्हें लेकर कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। किन शर्तों के तहत कॉलोनियों में गेट लगाए जाएंगे इसे लेकर अभी कोई प्रावधान भी नहीं है। इस कारण अक्सर विवाद होते रहते हैं। अब दिल्ली की तर्ज पर गेट लगाने को लेकर नियम बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

शहर की तमाम कॉलोनियों में लोगों ने गेट लगा लिए हैं। इन्हें लेकर अभी तक कोई नियम नहीं है। अभी कई कॉलोनी वासी सुरक्षा की आड़ में कॉलोनी में गेट लगा लेते हैं। गेट को बंद कर कार पार्किंग या आयोजनों के लिए जगह का इस्तेमाल भी किया जाता हैं। करीब 1 साल पहले कानपुर रोड की सेनानी विहार में गेट लगाने को लेकर भारी हंगामा हुआ था। पुलिस में शिकायत के साथ लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। यहां कॉलोनी का एक पक्षी गेट लगाने के हामी भर रहा था तो दूसरा विरोध में था।

नगर निगम ने जो प्रस्ताव तैयार किया है उससे अब गेट लगाना आसान नहीं होगा। यदि कॉलोनी के एक भी व्यक्ति ने गेट का विरूद्घ किया तो निगम गेट लगाने की अनुमति नहीं देगा। सभी कॉलोनी वासियों की अनुमति के साथ क्षेत्र के थाना अध्यक्ष की अनुमति जरूरी होगी। गेट 9 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर ही लग सकेंगे। गेट लगाने की अनुमति भी एक निश्चित अवधि के लिए ही होगी।

ये है प्रस्तावित नियम
-थानाध्यक्ष की अनुमति के साथ नगर निगम के अधिकारी को आवेदन करना होगा।
-सभी निवासियों की सहमति जरुरी
-सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक गेट खुला रखा जाएगा
-कॉलोनी वासी अपने खर्च पर यहां गार्ड तैनात करेंगे।
-गेट लगाने वाले आवेदन में अधिकारी के साथ अभियंत्रण विभाग भी जांच कर रिपोर्ट देगा।
सारी रिपोर्ट अनुमति आपत्तियां मिलने पर नगर आयुक्त निश्चित समय और स्थान पर शर्तों के साथ गेट लगाने की अनुमति देंगे।
-हर मोहल्ले में अलग शर्तें रखी जा सकती हैं।

अपर नगर आयुक्त नंदलाल सिंह ने बताया कि एक कमिटी का गठन किया गया है। दिल्ली नगर निगम के नियमों के आधार पर यहां भी विचार हो रहा है। जल्द ही इसके नियम तय किये जाएंगे।