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सरकारी कर्मचारी बायोमेट्रिक मशीन को भी दे रहा था चख्मा, इस फर्जीवाड़े से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने सभी सरकारी कर्मचारियों की दफ्तरों में उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक मशीनों (Biometric machine) का सिस्टम शुरू कर दिया है जिससे कि कर्मचारी समय से दफ्तर आए और समय से जाए।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Jul 26, 2019

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने सभी सरकारी कर्मचारियों की दफ्तरों में उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक मशीनों (Biometric machine) का सिस्टम शुरू कर दिया है जिससे कि कर्मचारी समय से दफ्तर आए और समय से जाए। सरकारी विभागों में कर्मचारियों की नाकारी और लेटलतीफी की आदत को सुधारने व फर्जीवाड़ा पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया था, लेकिन कुछ लोग इस सिस्टम को भी चक्मा देे रहे हैं। अंबेडकर पार्क स्मारक समिति के एक कर्मचारी ने तो ऐसा तरीका निकाल डाला जिसे पकड़ पाना मुश्किल था। लेकिन जब पोल खुली तो सभी हैरान थे। वह बायोमीट्रिक उपस्थिति के लिए नकली अंगूठे का इस्तेमाल कर रहा था, जिसे उसने लखनऊ के अमीनाबाद से बनाया था।

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ऐसे कर रहा था नकली अंगूठे का इस्तेमाल-
जानकारी के मुताबिक स्मारक समिति के ईको पार्क में कर्मचारी वीरेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव सफाई के काम के लिए तैनात था। उसकी ड्यूटी ईको पार्क के कांशीराम जनसुविधा परिसर में लगाई गई थी। समिति के प्रबंधक प्रशासन अभिनव सिंह ने बताया कि कर्मचारी ने बताया कि वह पहले ही दिन अपना नकली अंगूठा चेक कर रहा था। इसी बीच वह अंगूठा जमीन पर गिर गया, जिसे देख सुरक्षाकर्मी व सुपरवाइजर हैरान रह गए। जब उन्होंने उस नकली अंगूठे को कर्मचारी से छीनने की कोशिश की तो कर्मचारी ने उसे चबाकर खराब करने का प्रयास किया, लेकिन उन लोगों ने किसी तरह उसे छीन लिया। कार्यवाही के रूप में वीरेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। उसे नोएडा सेक्टर-95 पार्क में संबद्ध किया गया है। यहां जांच अधिकारी पार्क की प्रभारी पारूल सेन को बनाया गया है। जांच के दौरान कर्मचारी उनके साथ संबद्ध रहेगा।

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और भी कर्मचारी उठा रहे मुफ्त की सैलेरी-
पूरे प्रकरण की जांच शुरू करा दी गई है। बताया जा रहा है कि विभाग में और भी सरकार कर्मचारी है जो नकली अंगूठे का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। मामले के खुलासे होने के बाद विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। वहीं यह अंगूठा कर्मचारी ने अमीनाबाद से बनवाया था। स्मारक समिति के दूसरे कर्मचारियों ने ही उसे इसके बारे में बताया था। साथ ही कई और कर्मचारी हैं जो बिना पार्क आए अपनी उपस्थिति बायोमीट्रिक में लगवा कर मुफ्त की सैलरी उठा रहे हैं। प्रबंधक प्रशासन अभिनव सिंह का तो यह तक कहना है इस मामले में और कर्मचारियों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता।