प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक एक्सचेंज, लीज, किराया, आयात, डिस्पोजल, ज्योतिष, पूजा आदि के एवज में ली जाने वाली फीस, ट्रस्ट, धर्मार्थ संस्थान, डॉक्टर, वकील, टैक्स प्रैक्टिशनर और व्यापार मंडल तक जीएसटी के दायरे में हैं। हालांकि जिनका सालाना टर्नओवर दस लाख रुपए से ऊपर होगा, उन्हीं पर जीएसटी लागू होगा।