19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब पूजा कराना हो जाएगा महंगा, पंडित जी को देना पड़ेगा टैक्स!

माना जा रहा है कि जीएसटी में खरीद और बिक्री जैसे शब्दों का वजूद खत्म हो जाएगा

2 min read
Google source verification

image

Kaushlendra Singh

Sep 13, 2016

Tax on Pooja

Tax on Pooja

लखनऊ।
क्या आप धार्मिक व्यक्ति हैं, क्या आपके परिवार में धार्मिक अनुष्ठान होते रहते हैं? अगर इन सवालों का जवाब हां है तो ये जान लीजिए कि भारत का बहुप्रतीक्षित टैक्स सिस्टम 'जीएसटी' अब धर्म में भी इंट्री मारने जा रहा है।


माना जा रहा है कि जीएसटी में खरीद और बिक्री जैसे शब्दों का वजूद खत्म हो जाएगा। इसकी जगह सप्लाई शब्द का इस्तेमाल होगा। जिसमें वस्तु और सेवा दोनों ही शामिल होंगे। इस बदलाव के साथ जीएसटी में ज्योतिष, पंडिताई, ट्रस्ट, एनजीओ और प्रोफेशनल्स समेत सभी कुछ शामिल हो जाएगा। यानी पंडित जी की कथा के एवज में मिलने वाली दक्षिणा पर भी टैक्स देना होगा।


ये जानकारी जीएसटी इम्पावर्ड कमेटी के सदस्य और कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कैट (यूपी ईस्ट) की इकाई द्वारा जीएसटी और कैशलेस अर्थव्यवस्था पर आयोजित सेमिनार में दी।


इन सुविधाओं पर लगने लगेगा टैक्स

प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक एक्सचेंज, लीज, किराया, आयात, डिस्पोजल, ज्योतिष, पूजा आदि के एवज में ली जाने वाली फीस, ट्रस्ट, धर्मार्थ संस्थान, डॉक्टर, वकील, टैक्स प्रैक्टिशनर और व्यापार मंडल तक जीएसटी के दायरे में हैं। हालांकि जिनका सालाना टर्नओवर दस लाख रुपए से ऊपर होगा, उन्हीं पर जीएसटी लागू होगा।


क्या है GST

जीएसटी के लागू होने से हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा। आम भारतवासी को जीएसटी से सबसे बड़ा फायदा होगा कि पूरे देश में सामान पर देश के लोगों को एक ही टैक्स चुकाना होगा। यानी पूरे देश में किसी भी सामान की कीमत एक ही रहेगी। वर्तमान में वस्तुओं पर भिन्न प्रकार के टैक्स लगते हैं।


आप किसी भी राज्य में रहते हो, आपको हर सामान एक ही कीमत पर मिलेगा। जैसे अगर दिल्ली में किसी गाड़ी को खरीदा जाता है तो दूसरे राज्यों की अपेक्षा उसकी कीमत भिन्न होती है। यानी जीएसटी के लागू होने से आम आदमी को सस्ता सामान मिलेगा। भारत में वर्ष 2006-07 के आम बजट में पहली बार इसका जिक्र किया गया था। वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले अधिकतर करों को जीएसटी के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव है।


ये टैक्स हो जाएंगे बंद


जीएसटी के लागू होते ही केंद्र को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स सब खत्म हो जाएंगे। राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स, चुंगी वगैरह भी खत्म हो जाएगी।


क्या होगा फायदा

वर्तमान में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष टैक्स से किसी उत्पाद की कीमत उत्पादन से लेकर हमारे हाथों तक पहुंचने तक दुगनी या तिगुनी हो जाती है। किसी भी सामान खरीदते वक्त उस पर 30-35 प्रतिशत टैक्स के रूप में चुकाते हैं। कहीं कहीं तो यह 50 प्रतिशत तक है। जीएसटी लागू होने के बाद ये टैक्स घटकर 12 -16 प्रतिशत रहने की उम्मीद की जा रही है।


टैक्स भरना होगा आसान

जीएसटी आने के बाद टैक्स का ढांचा पारदर्शी होगा और असमानता नहीं होगी। काफी हद तक टैक्स विवाद कम होंगे। जीएसटी लागू होने से ढेरों टैक्स कानून और रेगुलेटरों का झंझट नहीं होगा। इसके अलावा सब कुछ ऑनलाइन होगा। इससे एक ही व्यक्ति या संस्था पर कई बार कर लगाने की समस्या से छुटकारा मिलेगा। इससे कुछ राज्यों में राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

ये भी पढ़ें

image