
लखनऊ. दुष्कर्म के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद पूरे देश में चर्चा के केंद्र में आये बाबा राम रहीम के डेरे की कहानियों से लखनऊ के भी तार जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। हरियाणा में वहाँ के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सिरसा के गुरमीत राम रहीम सिंह के डेरा से लखनऊ के एक मेडिकल कॉलेज में कथित तौर पर भेजे गए शवों के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद लखनऊ की एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। हालाँकि कोई खुलकर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
हरियाणा में वहां के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य महानिदेशक सतीश अग्रवाल को इस बात की जल्द जांच करने को कहा है जिसमे कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि डेरे से करीब 14 शवों को लखनऊ के किसी मेडिकल कॉलेज में भेजा गया था।
बताया जा रहा है कि लखनऊ के एक मेडिकल कॉलेज को डेरे ने 14 डेड बॉडी दान में दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक कमेटी ने लखनऊ के जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के दस्तावेजों की जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। रिपोर्टस के मुताबिक जनवरी 2017 से अगस्त 2017 के बीच 14 लाशें भेजी गई । इन 14 लाशों के साथ न तो कोई डेथ सर्टिफिकेट था और न ही सरकारी अनुमति।
फिलहाल इस ताजा खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया और कार्रवाई का इंतजार है। वैसे तो मेडिकल कालेजों को शरीर दान दिये जाने की प्रक्रिया सामान्य प्रक्रिया है लेकिन बिना अनुमति के गैर प्रान्त से शव स्वीकार किया जाना बड़ा मसला है। जिस तरह शव लेने में प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं और राम रहीम के कारनामे सामने आ रहे हैं, उसके बाद तो यह जरूरी हो गया है कि मामले की जाँच करते हुये पूरा सच सामने लाया जाये।
Updated on:
09 Sept 2017 02:17 am
Published on:
09 Sept 2017 02:16 am
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