
वराणसी. श्रृंगार गौरी विवाद के बीच कोर्ट के निर्देशों पर शनिवार को ज्ञानवारी मस्जित के सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। पहले दिन तहतखाने के पांच कमरों का सर्वे किया गया है। सर्वे के दौरान एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्रा अपने सहयोगियो के साथ सुबह 7.30 पर चौक थाने से ज्ञावापी के लिए रवाना हुए। एडोकेट कमिश्नर के साथ, दोनों पक्षों के वकील, दोनों पक्षकार, पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। पहले दिन का सर्वे शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। सर्वे के बाद हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि तहखाने में मूर्तियों के भग्नावशेष मिले हैं। हिंदू पक्ष ने कहा कि तहखाने में शरारती तत्वों ने मूर्तियों में मिट्टी भर दी थी। लिंगायत समाज में काशी में ***** दान का प्रचलन है, तहखाने में उस परम्परा के टूटे ***** मिले हैं।
कमरों का हुआ सर्वे
सुबह आठ बजे ज्ञानवापी सर्वे के लिए पहुंची टीम ने तहखाने में स्थित कमरों के खोलने के लिए पक्षकारों से चाभी मांगी। जिसके बाद कमरों को खोला गया। तीन कमरे मुस्लिम पक्ष व एक कमरा हिन्दू पक्षकार के पास हैं। हिन्दू पक्षकारो के पास जो कमरा हैं उसमे ताला नहीं था, लिहाजा कमरे को खोलने के लिए चाभी की जरूरत नहीं पड़ी। मुस्लिम पक्षकारों के पास जो कमर थे उसमे ताले लगे हुए थे सर्वे टीम ने मुस्लिम पक्षकार से चाभी लेकर तीनों कमरों का ताला खोल व सर्वे किया। तहरखाने के सभी कमरों के सर्वे के साथ-साथ वीडियो ग्राफी भी की गई।
पश्चिमी दीवार व कमरों की हुई वीडियोग्राफी
सुबह 8 बजे शुरू हुआ सर्वे दोपहर 12 बजे तक जारी रहा। इस दौरान ज्ञानवापी की पश्चिमी दीवार व तहखाने के कमरों का सर्वे व वीडियो ग्राफी कराई गई है। तहत खाने में मौजूद दो कमरों के बीच एक और कमरा मिला है जिसकी भी वीडियोग्राफी कराई गई है। चार घंटे तक चले सर्वे पूरी तरह से शांति व्यवस्था के साथ रहा। हालांकि, इस दौरान मौके पर वाराणसी पुलिस कमिश्र सतीष गणेश, डीए वाराणसी कौशल राज शर्मा मौजूद रहें। सुरिक्षा के लिए परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया।
सांप की सूचना पर बुलाए गए सपेरें
सर्वे की दौरान तहखाने के कमरों में सांप होने की सूचना पर सपेरे बुलाए गए हैं। सर्वे के दो घंटे बाद तहखाने के कमरों के सर्वे को दौरान टीम को कमरे में सांप होन की आशंका हुई जिसके बाद टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों को इस बारे में सूचना दी। जिसके बाद सपेरों को बुलाया गया।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका, इस आधार पर राहत मांग रहा मुस्लिम पक्ष
सर्वे को दौरान मुस्लिम पक्षकार ने सुप्रीम कोर्ट में सीजीएम कोर्ट के ऑडर के खिलाफ अपील करते हुए सर्वे रोकने की मांग की है। मुस्लमि पक्षकार पूजा स्थल अधिनियम 1991 और उसकी धारा 4 के तहत राहत मांग रहा है। यह कानून 15 अगस्त 1947 में अस्तित्व वाले किसी भी पूजा स्थल के धार्मिक चरित्र के परिवर्तन के लिए कोई मुकदमा दाखिल करने या अन्य कानूनी कार्यवाही शुरू करने से रोकता है।
सभी के जमा किए गए फोन
सर्वे शूर करने से पहले प्रशासन ने सर्वे टीम के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन जमा कर लिए। एडवोकेट कमिश्नर, पक्षकार व वकील सहित सभी बिना मोबाइल फोन के तहखाने में गए। सर्वे समाप्त होने के बाद बाहर निकले पुलिस कमिश्नर सतीष गणेश व डीएम कौशल राज शर्मा ने कहां कि सर्वे की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से हुए है।
15 मई को भीरत व ऊपर के कमरों का होगा सर्वे
सर्वे के दूसरे दिन 15 मई को ज्ञानवापी परिसर के अन्य कमरों व दीवारों का सर्वे किया जाएगा। ज्ञानवापी के पहले माले की पश्चिमी दीवार व अन्य दीवारों का सर्वे किया जाएगा।
ये है पुरा मामला
दिल्ली निवासी राखी सिंह और चार अन्य महिलाओं ने श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा अर्चना की अनुमति मांगते परिसर में स्थित विभिन्न विग्रहों की सुरक्षा के लिए याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने 26 अप्रैल को एक आदेश जारी किया। आदेश में ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी परिसर की वीडियोग्राफी सर्वे कराकर 10 मई को रिपोर्ट देने को कहा गया। अदालत ने इसके लिए अजय मिश्र को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है।
6 मई को पहले शुरू हुआ था सर्वे
इससे पहले 6 मई को सर्वे शुरू हुआ था। हंगामे के कारण 7 मई को सर्वे रुक गया था। सर्वे करने पहुंचे कोर्ट कमॉश्नर और वादी पक्ष का मुस्लिम पक्ष ने विरोध कर दिया था। जिसके बाद 9 मई को मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट कमिश्नर की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे व उन्हें हटाने की मांग की थी।
Published on:
14 May 2022 03:54 pm
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