
Hasthshilp
लखनऊ. रेशम के निर्माता के रुप में भारत दुनिया में नंबर एक है, जिसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़ी मांग है। रेशम की विभिन्न किस्मों को जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर बनाया जाता है, जिनमें से केवल चार तस्सार, एरी, मुलबेरी और मुगा प्रमुख हैं। तस्सार और मुगा प्रकृतिक सिल्क है, जो बिहार, असम और छत्तीसगढ़ तीन राज्यों में इसका उत्पादन होता है। इन्हीं सब उम्दा किस्म की सिल्क कपड़ों की रेंज लेकर आया है हस्ताशिल्पी सिल्क प्रदर्शनी 2018। दशहरे के अवसर पर, “हस्तशिल्पी“ सिल्क प्रदर्शनी का आयोजन लखनऊ के कैसरबाग बारादारी में किया गया है। यह प्रदर्शनी 24 अगस्त से 2 सितम्बर तक चलेगी। विभिन्न रेशम साड़ी बुनकर, हैंडलूम क्लस्टर और रेशम सहकारी समितियां अपने उत्पादों को प्रदर्शनी में दिखाती हैं। हस्तशिल्पी आयोजक टी0 अभिनंद ने कहा कि हमारे संगठन का उद्देश्य सिल्क से बने उत्पादों को अपने ग्राहकों को बिना किसी कठिनाई के सुलभ तरीके से सीधे ग्राहकों को उपलब्ध कराना है।
हस्तशिल्पी आयोजक टी0 अभिनंद ने यह भी बताया कि “अरिनी सिल्क साड़ीज, क्रेप और जॉर्जेट सिल्क साड़ीज, शिफॉन रेशम साड़ीज, तस्सार रेशम साड़ीज और सूट, कांजीवारम सिल्क साड़ी और वेडिंग साड़ीज, डिजाइनर फैंसी साड़ीज, दर्मावरम सिल्क साड़ीज, कच्चे रेशम और तस्सार, जूट सिल्क साड़ीज, ढाका सिल्क साड़ीज, हैंडलूम रेशम कॉटन साड़ीज, सिल्क ब्लेंड्स साड़ीज एंड स्टोल, सिल्क शॉल, उपपाडा, गडवाल, पैठानी साड़ी, मंगलागिरि और पोचंपल्ली सिल्क साड़ीज जैसे देशभर के विभिन्न उत्पाद इस एक्सपो में उपलब्ध हैं।
अन्य रेशम उत्पाद-
हैंड ब्लॉक प्रिंट साड़ीज, सूट एवं रेशम बिस्तर कवर, डिजाइनर ड्रेस सामग्री एवं बॉर्डर, लेजेस, कुर्तियां, हाथ बुना मटका एवं असम मुगा कपड़े, अपूर्व सिल्क साड़ीज, बलुचरी, ढाका मसली, गिचा साड़ीज, बुटीक साड़ीज, कंठा साड़ीज, जरदोजी, लखनऊ चिकन वर्क साड़ी, भागलपुर सूट, प्रिंटेड सिल्क साड़ीज, बनारसी साड़ी, रेशमी प्लेन और बुट्टी बॉर्डर साड़ी, महेश्वरी, चंदेरी रेशम साड़ीज और सूट और कोटा रेशम, मुलबेरी रेशम के साथ शहतूत रेशम, बनारस जमदानी, हाथ से बुने हुए साड़ियों का प्रदर्शन इस प्रदर्शनी में हो रहा है।
Published on:
30 Aug 2018 11:05 pm
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