
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
Health Minister said:स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बेबाकी के कारण एक बार फिर चर्चाओं में हैं। देहरादून अस्पताल पहुंचे मंत्री ने साफ कहा कि जितने बड़े डॉक्टर हैं, वही अपना मोबाइल फोन बंद रखते हैं। कहा कि सीनियर डॉक्टर जूनियर और इंटर्न को न फंसाएं, बल्कि खुद राउंड पर जाएं। उन्होंने फार्मेसी अफसरों से कहा कि वार्डों में दवाएं नहीं मिलतीं। दवाओं की आपूर्ति में देरी होती है। तीमारदारों को बाहर की महंगी दवाओं की पर्ची थमा दी जाती है। गरीब मरीजों के लिए ही सरकार सुविधाएं दे रही है, पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने प्राचार्य और एमएस को दवाओं का सिस्टम दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं या जनऔषधि लिखने के निर्देश दिए। साफ कहा कि बाहर की महंगी दवाएं लिखने से मरीजों को हाय लगेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीजी डॉक्टर डिलीवरी और मरीजों के उपचार से कतरा रहे हैं, जोकि बेहद चिंता का विषय है। मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे डॉक्टरों की काउंसलिंग करवाई जाए। उन्होंने ब्लड बैंक को रक्तदाता बढ़ाने का टास्क दिया। मंत्री के इस दौरे से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी।
मंत्री धन सिंह रावत ने गायनी में महिलाओं को ईजा बोई योजना के पैसे नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आए दिन अस्पताल में अव्यवस्थाओं की खबरें मीडिया में आने पर भी नाराजगी जताई। कहा कि मीडिया में लगातार अव्यवस्थाओं की खबरें आ रही हैं। लिहाजा उन्होंने अस्पताल की अव्यवस्थाओं को दूर करने के निर्देश दिए। अफसरों ने ऑर्थो से ओटी और मानव संसाधन की कमी बताई। मंत्री ने मरीजों को लाइनों से मुक्ति दिलाने के लिए एमएस से प्लान मांगा।
Published on:
04 Oct 2024 08:35 am

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