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Health news: जिनके पैरो मे आता है पसीना उनके लिए खुशखबरी

Health news: पैर से पसीना आना क्या जरूरी है और इस पसीने से आने वाली गंध को कैसे दूर कर सकते हैं इस पर आज आपके सवाल का जवाब देगें।

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लखनऊ

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Patrika Desk

Jun 07, 2023

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Sweating health

पैर से पसीना क्यों निकलता है इसके पीछे बहुत से कारण होते है। हमारा शरीर एक मशीन की तरह है। जब हम मेहनत वाला कोई काम करते हैं तो हमारा शरीर वैसे ही गर्म होने लगता है, जैसे देर तक चलने की वजह से कोई मशीन गर्म हो जाती है। जैसे कार के इंजन को ठंडा करने के लिए कूलैंट होता है, लैपटॉप-कंप्यूटर में हीट सक्शन, एग्जॉस्ट या कूलिंग फैन लगे होते हैं। उसी तरह शरीर को ठंडा करने के लिए पसीना आना जरूरी होता है। पसीना ग्लैंड्स से पानी के रूप में स्किन के जरिए बाहर निकलता है, जो इवोपरेट होता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है। इसी की वजह से हम गर्मी में लू से बचते है।
पसीना जो छोटी-छोटी बूंदों के रूप में निकलता है, उसमें पानी के अलावा क्या होता है?
जवाब: हमारा शरीर एक मशीन की तरह है। जब हम मेहनत वाला कोई काम करते हैं तो हमारा शरीर वैसे ही गर्म होने लगता है, जैसे देर तक चलने की वजह से कोई मशीन गर्म हो जाती है। जैसे कार के इंजन को ठंडा करने के लिए कूलैंट होता है, लैपटॉप-कंप्यूटर में हीट सक्शन, एग्जॉस्ट या कूलिंग फैन लगे होते हैं। उसी तरह शरीर को ठंडा करने के लिए पसीना आना जरूरी होता है। पसीना ग्लैंड्स से पानी के रूप में स्किन के जरिए बाहर निकलता है, जो इवोपरेट होता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है। इसी की वजह से हम गर्मी में लू से बचते है।

पसीना जो छोटी-छोटी बूंदों के रूप में निकलता है, उसमें पानी के अलावा क्या होता है?
जवाब: इसमें प्रोटीन, अमोनिया, यूरिया, नमक, लैक्टिक एसिड और चीनी।
सवाल: तो फिर मैं क्या समझूं कि पसीना आना सेहत अच्छा होता है या बुरा?
जवाब: असल में पसीने के जरिए शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। इसलिए ये सेहत के लिए अच्छा होता है। पसीना आने से स्किन के रोम छिद्र यानी पोर्स खुल जाते हैं। जिससे शरीर की सारी गंदगी और जर्म्स बाहर निकल जाते हैं। ये पैरों के साथ-साथ स्किन को भी हेल्दी रखता है।
सवाल: एक्ससाइज करते समय क्या पसीना आना जरूरी होता है?
जवाब: हां, वर्कआउट करते समय पसीना निकलना जरूरी है। एक्सरसाइज करने से ब्लड फ्लो बढ़ता है, इससे बॉडी टेम्प्रेचर भी बढ़ता है। इस वजह से धड़कनें तेज होती हैं। ऐसे में पसीना शरीर के टेम्प्रेचर को बैलेंस करता है और आपको बेहोश होने से बचाता है। दूसरी ओर एक्सरसाइज करते समय मसल्स ज्यादा हीट होती हैं, इस समय भी शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीने की जरूरत पड़ती है।
सवाल: जिन्हें पसीना नहीं आता, उन्हें क्या कोई परेशानी हो सकती है?
जवाब: पसीना न आने पर शरीर गर्म होने लगता है। जिससे हेल्थ रिलेटेड कई तरह की प्रॉब्लम हो सकती हैं। जैसे- इससे शरीर का टेम्प्रेचर बैलेंस नहीं हो पाता है। दिमाग, लिवर, लंग्स डैमेज हो सकते हैं। अगर एक्सरसाइज और कड़ी मेहनत के बाद भी पसीना नहीं आता, हार्ट स्ट्रोक का खतरा हो सकता है। अगर बिल्कुल पसीना नहीं आता है तो इस सिचुएशन को एन्हीड्रोसिस या हाइपोहीड्रोसिस कहा जाता है। डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। इंटरनेशनल हाइपरहीड्रोसिस सोसाइटी ने इसे जानलेवा बताया है। कुछ मामलों में जब व्यक्ति को सही ट्रीटमेंट नहीं मिल पाता, तो वो कोमा में जा सकता है।

पसीना न आने की कुछ और वजहें भी जान लीजिये
कुछ दवाओं की वजह से स्वेट ग्लैंड ब्लॉक हो जाता है। इससे पसीना नहीं निकल पाता। कुछ लोग बिना स्वेट ग्लैंड के भी जन्म लेते हैं इस वजह से पसीना नहीं आता। ब्रेन ट्यूमर के पेशेंट को पसीना नहीं निकलता। पसीने की ग्रंथियों पर अगर चोट लग जाए तब भी यह समस्या हो सकती हैI
सवाल: ज्यादा पसीना और पसीने से बदबू आने की वजह क्या है?
जवाब: आयुर्वेद के मुताबिक आमतौर से ऐसा शरीर में पित्त दोष के बढ़ने की वजह से होता है। एलोपैथ में इसे हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। यह स्थिति तब मानी जाती है जब कड़ी मेहनत और एक्सरसाइज के बाद भी पसीना न निकले। इसकी भी अलग-अलग वजहें हैं। जैसे- पसीने की ग्रंथि यानी स्वेट ग्लैंड अगर ज्यादा एक्टिव हो जाए तब शरीर से सामान्य से ज्यादा पसीना निकलने लगता है। मेडिकल कंडीशन की वजह से यह होता है। जैसे- डायबिटीज, हार्ट रिलेटेड बीमारी, मेनोपॉज, बुखार, मलेरिया, इन्फेक्शन, टीबी, लिंफोमा और न्यूरोलॉजिकल डिजीज।


सवाल: कई बार ऐसा भी देखा गया है कि बिना गर्मी या धूप में रहे, कुछ लोगों को अचानक पसीना निकलने लगता है, क्या ये किसी बीमारी के लक्षण हैं?

जवाब: अचानक से पसीना आना हार्ट रिलेटेड बीमारी का लक्षण हो सकता है। डॉक्टर से तुंरत इस प्रॉब्लम को डिस्कस करें, इस सिचुएशन में जान जाने का खतरा रहता है। पसीना ज्यादा आने की दूसरी भी कई वजहें हैं।
लो ब्लड प्रेशर: पसीना आना लो ब्लड प्रेशर का संकेत है। जिससे हार्ट अटैक हो सकता है। लो ब्लड प्रेशर के चलते दिल तक ब्लड पहुंचाने वाली धमनियों में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होने पर वह बंद होने लगती है। ऐसे में पसीना आता है और हार्ट रेट बढ़ जाता है। इस सिचुएशन में डॉक्टर को दिखाना चाहिए वर्ना हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
लो शुगर लेवल: शरीर में शुगर लेवल की कमी से भी पसीना ज्यादा आता है। इंसान का नार्मल शुगर लेवल खाली पेट 1 डेसीलीटर खून में करीब 70 से 100 मिलीग्राम होना चाहिए। इससे कम होने पर पसीना आना शुरू हो जाता है जो शरीर में शुगर कम होने का संकेत देता है। यह सिचुएशन शुगर पेशेंट के लिए डेंजरस होती है।
मेनोपॉज: 50 साल की महिलाओं को सर्दियों में पसीना आ रहा है तो मेनोपॉज के संकेत हैं। मेनोपॉज की शुरुआत में हार्मोनल एक्टिविटीज के चलते ज्यादा पसीना आता है।
मोटापा: मोटापा से भी सर्दियों में लोगों को पसीना आने लगता है। शरीर में ज्यादा कोलेस्ट्रॉल भी इसका एक कारण हो सकता है।
एक्सपर्ट: डॉ. ऋषि पाण्डेय, जनरल फिजिशियन, डॉ. मोहन दत्ता , एमडी, आयुर्वेद मेडिसीन एंड सर्जरी
Disclaimer: ये खबर आयुष कुमार दुबे ने आयुर्वेद मेडिसीन एंड सर्जरी के दिये गए दिशा-निर्देष, रिसर्च पेपर और डाटा के आधार पर लिखा गया है। आप को हो रही समस्याओ पर आप खुद अपने नजदीकी आयुर्वेद उपचार केंद्र पर जानकारी ले सकते है।