10 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मृतक आश्रितों पर HC ने सरकार को दिये सुझाव, कहा- इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आश्रितों को सहायता भी मिलेगी

- न्यायमूर्ति पंकज मित्तल व न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ का पैसला- Allahabad High Court ने अंकुर गौतम व अन्य याचिका पर सुनाया फैसला- UP Government के मुख्य सचिव को दिये बड़े निर्देश

less than 1 minute read
Google source verification

लखनऊ

image

Hariom Dwivedi

Jul 24, 2019

High Court

मृतक आश्रितों पर HC का ऐतिहासिक फैसला, कहा- मृतक आश्रितों को नौकरी के बजाय पैकेज दे सरकार

लखनऊ. मृतक कर्मचारियों के आश्रितों हित में हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सरकारी सेवा (Government Service) में समान अवसर व सामाजिक न्याय (Social justice law) में सामंजस्य स्थापित करने के लिए विशेष पैकेज देने का सुझाव कोर्ट (Allahabad High Court) ने राज्य सरकार को दिया है। अंकुर गौतम व अन्य की याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति पंकज मित्तल व न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने राज्य सरकार ने यह आदेश सुनाया।

हाईकोर्ट (High Court) ने कहा कि मृतक आश्रितों की भारी संख्या और पदों की कमी को देखते हुए सरकार ऐसा तरीका अपनाए, जिससे खुली प्रतियोगिता से योग्य लोगों की नियुक्ति हो और मृतक आश्रितों (Mritak Ashrit) को भी सामाजिक न्याय मिल सके। कोर्ट ने राज्य सरकार (Yogi Sarkar) को सुझाव देते हुए कहा है कि सरकार आश्रित परिवार (Mritak Ashrit Family) को मृत कर्मचारी की सेवानिवृत्ति या अचानक आई आपत्ति से उबरने के लिए 3 से 5 वर्ष तक कर्मचारी को मिल रहे वेतन का भुगतान करने का कानून बनाए। ऐसा करने से खुली प्रतियोगिता से नियुक्ति के अवसर बढ़ेंगे और आश्रित को भी सहायता मिल सकेगी।

यह भी पढ़ें : 12 नहीं अब यूपी की 13 सीटों पर होंगे उपचुनाव, रिक्त हुई एक और विधानसभा सीट

मुख्य सचिव को निर्देश
हाईकोर्ट (High Court) ने पुलिस विभाग में सीधी भर्ती कोटे के 5 फीसदी पदों पर आश्रितों की नियुक्ति के नियम को वैध करार देते हुए कहा कि ऐसा न करने से आश्रितों की संख्या अधिक होने से सीधी भर्ती के अवसर कम होंगे। हाईकोर्ट (HC) ने राज्य के सभी विभागों के लिए आश्रितों को सामाजिक न्याय के कानून बनाने के लिए आदेश की प्रति प्रदेश शासन (UP Government) के मुख्य सचिव (Chief Secretary) को भेजने को कहा है।