
प्रतीकात्मक तस्वीर। सोर्स: AI
Irshad Ali Blackmail Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 21 वर्षीय युवती के लापता होने और कथित धर्मांतरण के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला एंगल सामने आया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, मुख्य आरोपी इरशाद अली ने रक्षाबंधन का ढोंग रचकर पहले घर में एंट्री ली और बाद में उसी विश्वास का गला घोंट दिया।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, आरोपी इरशाद अली रक्षाबंधन के त्योहार पर उनके घर आया था। उसने युवती से अपने हाथ पर राखी भी बंधवाई थी। इसके बाद से उसका घर में आना-जाना बहुत ज्यादा बढ़ गया। आरोप है कि जब परिवार ने उसे पूरी तरह अपना मान लिया, तब इरशाद ने अपनी असली चाल चली। उसने युवती को फोन पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं। इन तस्वीरों के बल पर वह युवती को ब्लैकमेल करने लगा और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। जब हमने इरशाद की इस करतूत का विरोध किया, तो वह सीधे तौर पर हमारी बेटी का धर्म बदलने की जिद पर अड़ गया। उसने हमें खुलेआम धमकी दी थी कि वह उसे अपने साथ सीरिया ले जाएगा।
परिवार का आरोप है कि इरशाद की हरकतों से परेशान होकर उन्होंने पहले भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी ढुलमुल रवैए का फायदा उठाकर आरोपी ने 21 मई 2026 को युवती को गायब कर दिया, जब वह तेलीबाग के बी-2 मार्केट में नौकरी के सिलसिले में गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मामले में पीजीआई के एक डॉक्टर ने भी आरोपी की मदद की। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले की पड़ताल जारी है।
पुलिस ने डॉक्टर अजमल को जांच पूरी होने तक शहर न छोड़ने की हिदायत दी है, जिसके कारण उनके सिंगापुर जाकर लेक्चर देने वाले कार्यक्रम पर रोक लग गई है। जांच में यह भी पता चला है कि डॉक्टर ने पीजीआई परिसर और पहलगाम में दो मस्जिदों को बनवाने में भूमिका निभाई थी। दूसरी तरफ, हिंदू लड़की का पता न चलने से नाराज अखिल भारत हिंदू महासभा ने कमिश्नर ऑफिस घेरने का ऐलान किया है।
एसजीपीजीआई परिसर में रहने वाले पीड़ित पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी 21 साल की बेटी बीते 21 मई 2026 को नौकरी के किसी काम से तेलीबाग के बी-2 मार्केट गई थी, लेकिन उसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिवार का कहना है कि लड़की की कुछ हरकतें सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं, जिसके फुटेज को पुलिस ने जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है।
इस मामले के मीडिया में आने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया है। लड़की को सुरक्षित ढूंढने के लिए पुलिस ने तीन खास टीमें बनाई हैं। मुख्य आरोपी इरशाद अली को पकड़ने के लिए उसका फोन सर्विलांस पर लगा दिया गया है और पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुट गई हैं। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है, जिनसे जरूरी जानकारियां मिल रही हैं।
Updated on:
10 Jun 2026 01:08 pm
Published on:
10 Jun 2026 11:58 am
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