
अब नहीं रहेंगी बेसहारा! तीन तलाक और एसिड पीड़ित महिलाओं के लिए बड़ा फैसला (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Yogi Government Good news: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी सशक्तिकरण को लेकर लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी दिशा में सरकार ने तीन तलाक और एसिड अटैक जैसी गंभीर सामाजिक त्रासदियों से प्रभावित महिलाओं के जीवन को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ऐसी महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही निराश्रित महिलाओं को भी इन योजनाओं का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकार का मानना है कि समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्गों की महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि स्थायी आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण की भी आवश्यकता है। यही कारण है कि महिला कल्याण विभाग को इस दिशा में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग तीन तलाक एवं एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के साथ निराश्रित महिलाओं का विस्तृत डाटा एकत्रित किया जा रहा है, ताकि पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जा सके। शासन स्तर पर इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और शासनादेश (जीओ) तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है। महिला कल्याण विभाग द्वारा पीड़ित महिलाओं का सत्यापित विवरण एकत्रित किया जा रहा है। इसके आधार पर लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा। योगी सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी पात्र महिला को केवल जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण सरकारी योजनाओं से वंचित न रहना पड़े। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये थे कि जिन महिलाओं को तीन तलाक या एसिड अटैक जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है और जिनके पास स्थायी आवास नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही इन महिलाओं और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का भी लाभ दिया जाए।
एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज, सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता होती है। वहीं, तीन तलाक से प्रभावित कई महिलाएं आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करती हैं। ऐसे में आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों उपलब्ध कराकर योगी सरकार उनके जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
Updated on:
09 Jun 2026 04:42 pm
Published on:
09 Jun 2026 04:29 pm
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