22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना संक्रमित HIV पेशेंट ने वायरस को दी मात, आज आपके लिए हैं एक साथ तीन अच्छी खबरें

- कोरोना संकट के बीच लखनवाइट्स के लिए तीन खबरें सुकून देने वाली हैं- केजीएमयू से डिस्चार्ज हुआ कोरोना से संक्रमित एचआईवी पेशेंट- लखनऊ में सीएम योगी ने पार्क खुलने की इजाजत दे दी है- राजधानी के तीन हॉटस्पॉट घटे, अब कुल पांच क्षेत्र बचे

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Hariom Dwivedi

May 27, 2020

HIV पेशेंट ने कोरोना वायरस को दी मात, लखनवाइट्स के लिए हैं एक साथ तीन अच्छी खबरें

DEMO PIC : लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती एचआईवी पीड़ित कोरोना मरीज छह दिनों में ही स्वस्थ होकर अस्पताल से घर पहुंच गया है

लखनऊ. कोरोना संकट के बीच लखनवाइट्स के लिए तीन अच्छी खबरें हैं। राजधानी में तीन हॉटस्पॉट घट गये हैं, अब यहां अब कुल पांच हॉटस्पाट क्षेत्र ही बचे हैं। वहीं, प्रदेश का पहला एचआईवी मरीज कोरोना को मात देने में सफल रहा है। मंगलवार को वह केजीएमयू से डिस्चार्ज हो गया है। बीते दिनों पहले एक कैंसर पेशेंट भी कोरोना को मात दे चुका है। इसके अलावा नवाबों की नगरी के लोग सुबह-शाम पार्क में टहल सकेंगे, लेकिन सभी को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। सरकार ने इसकी इजाजत दे दी है।

लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती एचआईवी पीड़ित कोरोना मरीज छह दिनों में ही स्वस्थ होकर अस्पताल से घर पहुंच गया है। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण इसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी कोरोना जांच पॉजिटिव निकली। केजीएमयू प्रशासन का दावा है कि यह प्रदेश का पहला एचआईवी पीड़ित मरीज है, जिसमें कोरोना भी पाया गया है। 19 मई को गोंडा निवासी 34 वर्षीय युवक दिल्ली से अपने गांव के लिए निकला था। रास्ते में सड़क हादसे में वह घायल हो गया था। उसके सिर में चोट लग गई। केजीएमयू में भर्ती कराया गया। कोरोना जांच हुई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद अब वह ठीक हो गया है।

एक साथ तीन बीमारियों से था ग्रसित
केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि सिर में चोट लगने से युवक मानसिक संतुलन खो बैठा था, जिसके कारण वह बार-बार बेड से भाग रहा था। ऐसे में इलाज और कठिन हो गया था। ऐसे में मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और कोरोना वार्ड में लगे डॉक्टरों की टीम ने संयुक्त रूप से इलाज की रणनीति बनाई।सर्जरी के बाद मरीज की न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की समस्या खत्म हो गई है। एक तरह से यह मरीज तीन बीमारी से ग्रसित हो गया था लेकिन छह दिन में ही उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है।

कोरोना के इलाज में आशा की नई किरण
प्रो. भट्ट ने बताया कि एचआईवी संक्रमित मरीज में रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम हो जाती है। ऐसे मरीजों में अन्य की अपेक्षा संक्रमण की गति कई गुना अधिक होती है। युवक का मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं था। वह ठीक से अपनी समस्या भी नहीं बता पा रहा था। ऐसे डॉक्टर्स की टीम ने जांच रिपोर्टों के आधार पर इलाज शुरू किया। न्यूरो सर्जरी के बाद उसका मानसिक संतुलन में सुधर गया है। कुलपति ने कहा, बहुत सौभाग्य की बात है कि मरीज छह दिन में ही ठीक हो गया। कोरोना के इलाज की दिशा में आशा की किरण लेकर आई है।

तीन हॉटस्पाट घटे
लखनऊ में तीन हॉटस्पाट क्षेत्र घट गये हैं। अब यहां पर सिर्फ पांच ही हॉटस्पाट बचे हैं। यानी के अब ये क्षेत्र कोरोना संक्रमण के गंभीर खतरे से बाहर हो गये हैं। अप्रैल माह में नजरबाग वार्ड का फूलबाग, नक्खास का कटरा अजमबेग और हसनगंज का नई बस्ती इरादत नगर जलिलिया मदरसा को हॉटस्पाट घोषित किया गया था। अब यह इस श्रेणी से बाहर हैं। पिछले 24 दिनों में इन क्षेत्रों में कोई नया मामला नहीं आने के बाद हॉटस्पॉट का टैग हटा दिया गया। अब सिर्फ थाना कैसरबाग नया गांव पश्चिम (नजीराबाद रोड), तोप खाना थाना कैंट, कैसरबाग सब्जी मंडी व जम्बूर खाना मछली मोहाल के आस पास का क्षेत्र, खंदारी लेन, लाल बाग और थाना कैंट मस्जिद अलीजान के आस पास का क्षेत्र ही हॉटस्पाट घोषित है।

यह भी पढ़ें : लॉकडाउन 50-50- कुछ ठहरी, कुछ सहमी सी चल पड़ी है जिंदगी