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यूपी एटीएस को मिली बड़ी कामयाबी, हिजबुल का आतंकी गिरफ्तार

गणेश चतुर्थी पर थी हमले की योजना, स्टूडेंट बन कर किराए पर रह रहा था।  
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लखनऊ

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Ashish Kumar Pandey

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Updated: 13 Sep 2018, 6:27 PM IST

ats

यूपी एटीएस को मिली बड़ी कामयाबी, हिजबुल का आतंकी गिरफ्तार

लखनऊ. उत्तर प्रदेश एटीएस को बड़ी सफलता मिली है। एटीएस टीम ने गुरुवार को कानपुर के चकेरी से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस पूछताछ में आतंकी ने स्वीकार किया कि वह हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम कर रहा था। डीजीपी ओपी सिंह ने यहां प्रेसकांफ्रेंस कर बताया कि हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा आतंकी बेहद खतरनाक बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि उसे टेरर फंडिंग कहां से हो रही है? इसके टारगेट क्या थे? व इसके साथ ही उससे कई अन्य जानकारी भी पूछताछ के दौरान हासिल की जाएगी। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि शुरुआत पूछताछ में पता चला है कि उसकी योजना गणेश चतुर्थी पर किसी बड़े हमले को अंजाम देने की थी।

उत्तर प्रदेश आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) को गुरुवार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। एटीएस ने कानपुर से हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आतंकी ने एटीएस को अपना नाम कमर-उज-जमां उर्फ डाक्टर हुरैहा बताया है। पुलिस आतंकी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी कमर-उज-जमां उर्फ डाक्टर हुरैहा मूल रूप से असम के जमुनामुख के सराक पिली गांव रहने वाला है।

कश्मीर में ली थी ट्रेनिंग
डीजीपी ओपी सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि गुरुवार सुबह कमरुज्जमा उर्फ डाक्टर हुरैहा को कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र से एटीएस की टीम और कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि उसकी योजना गणेश चतुर्थी पर किसी बड़े हमले को अंजाम देने की थी। ऐसा प्रतीत होता है कि हिजबुल मुजाहदीन ने इसे रेकी करने के लिए भेजा था। उसके पास से एक वीडियो भी बरामद हुआ है जो कानपुर के किसी मंदिर का है, उसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह हिजबुल के लिए काम करता है। 2017 में इसने ओबामा नाम के आदमी के साथ कश्मीर में ट्रेनिंग ली, उसके बाद वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के संपर्क में आया और उसके लिए काम करने लगा। कमर-उज-जमां ने हिजबुल की ट्रेनिंग किश्तवाड़ के ऊपरी जगलों में ली।

इस तरह आया निगाह में

पुलिस के मुताबिक कमर-उज-जमां ने अप्रैल 2018 में सोशल मीडिया एके-47 के साथ अपनी फोटो डालकर सुखिऱ्यों में आया था, जिसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश कर रही थी। इस संबंध में यूपी पुलिस ने एनआईए का भी सहयोग लिया।

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि पकड़ा गया आतंकी पढा-लिखा है, उसने कंप्यूटर और टाइपिंग की ट्रेनिंग भी ली है। 2008 से 2102 के बीच वह विदेश में भी रह चुका है, उसका विवाह 2013 में असम में ही हुआ है और उसे एक बेटा भी है।
यूपी डीजीपी ने कहा कि इस ऑपरेशन को अंजाम एडिश्नल एसपी ने दिया है। एटीएस की टीम के लिए अलग से इनाम निर्धारित है। टीम को उससे नवाजा जाएगा। पिछले कुछ महीनों से एटीएस कई वारदात करने वालों की कोशिशों को नाकाम कर रहा है।

स्टूडेंट बन किराए पर रह रहा था
कानपुर के चकेरी में पूर्व पार्षद के घर पर किराए पर रह रहा था हिजबुल का आंतकी। स्टूडेंट बनकर रह रहा था। पकड़ा गया आतंकी कमरुज्जमा गणेश चतुर्थी पर आतंकी हमला करने वाला था। कानपुर के प्रसिद्ध मंदिरों की उसके पास से तस्वीरें भी बरामद हुई हैं। यह आतंकी 2008 से 2012 के बीच फिलीपींस के निकट आइलैंड पलाउ में रह चुका है। यह सुरक्षा एजेंसियों की नजर में उस समय आया जब अप्रैल 2018 में सोशल मीडिया पर एके-47 के साथ अपनी फोटो डाला था।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं कई आतंकी
मई 2017- सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने उत्तर प्रदेश के महराजगंज में नेपाल से सटे सोनौली क्षेत्र में हिज्बुल मुजाहिदीन के एक संदिग्ध आतंकवादी नसीर अहमद उर्फ सादिक को गिरफ्तार किया था।
-8 मार्च 2017 को यूपी पुलिस के एंटी टेरर स्क्वॉड ने बेहद पेशेवराना तरीके से संदिग्ध आतंकवादी सैफुल्लाह को लखनऊ में ढेर कर दिया। बताया गया कि वो इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉड्यूल का सदस्य था।