मिली जानकारी के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद राजनाथ सिंह की पेंशन के कुल 9,500 रुपए बने, लेकिन उन्होंने यह धनराशि लेने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान वे यूपी के मुख्यमंत्री थे। उनसे जब कॉलेज के प्रशासन ने वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि साल 1992 के बाद से उन्होंने छात्रों को नहीं पढ़ाया इसलिए पेंशन भी उतने ही साल के ही हिसाब से मिलनी चाहिए। इसके बाद जब उनकी पेंशन बनाई गई तो वह कॉलेज के चपरासी से भी कम थी।