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हॉस्टल में पढ़ाई से ज्यादा पॉर्न साइट्स में है स्टूडेंट्स का इंट्रेस्ट!

लगातार पॉर्न देखने वालों की संख्या बढ़ते देख कॉलेज ने ढूंढ़ा यह समाधान

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Prashant Srivastava

Jul 15, 2016

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लखनऊ.
बीते दिनों कई सर्वे में सामने आया था कि पॉर्न साइट्स देखने वालों में युवाओं की संख्या बहुत अधिक है। इसका ताजा उदाहारण
मेरठ के
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) में देखमे को मिला। एक हिंदी दैनिक के मुताबिक इस यूनिवर्सिटी ने छात्रों में पॉर्न फिल्म के बढ़ते क्रेज को देखते हुए 30 दिनों के लिए वाई-फाई फैसिलिटी बंद कर दी है। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट का 50 प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल पॉर्न फिल्में देखने में हो रहा था। महज 1.7 प्रतिशत ही पढ़ाई के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि रजिस्ट्रार ने मामले को रफा दफा करने के लिए कहा कि मेंटिंनेंस के चलते वाई-फाई सुविधा बंद की गई है। इस केस के मीडिया में आते ही बाकी यूनिवर्सिटीज भी सतर्क हो गए हैं।



यूपी के कॉलेज हुए अलर्ट


राजधानी लखनऊ में बीबीएयू, एमिटी यूनिवर्सिटी, बीबीडी यूनिवर्सिटी, राम स्वरूप यूनिवर्सिटी, लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी समेत तमाम संस्थानों में भी छात्रों को हॉस्टल में वाई-फाई की सुविधा मिलती है। ऐसे में कॉलेज मैनेजमेंट इस बात को लेकर अलर्ट हो गया है कि छात्र इस तरह की साइट्स न देखें। ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में ऐसी साइट्स ब्लॉक कर दी गई हैं।


हमारा पूरा कैंपस वाई-फाई है लेकिन यहां पहले से ही ऐसी साइट्स ब्लॉक है। आईटी टीम की ओर से छात्रों को पहले से ही सख्त निर्देश जारी कर दिए जाते हैं।


-आशुतोष चौबे, प्रवक्ता, एमिटी यूनिवर्सिटी

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