
EX-DGP: महिला अपने पति के साथ आगरा से लखनऊ परिवहन मंत्री दयाशंकर से मिलने आई थी। इन लोगों ने अपनी कार नो पार्किंग जोन में खड़ी कर दी थी। ट्रैफिक पुलिस ने जब कार नो पार्किंग जोन में खड़ी देखी तो उसे उठवा लिया और पुलिस बूथ पर ले गए। जब ये दोनों वापस लौटे तो देखा कि उनकी कार ही नहीं खड़ी है। आस-पास पूछने पर पता चला कि कार ट्रैफिक पुलिस ले गई है।
पुलिस ने बताया नो पार्किंग जोन में खड़ी थी कार
महिला अपने पति ललित सिंह के साथ पुलिस बूथ पर पहुंची। गाड़ी उठाने का कारण पूछा तो ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि आपने गाड़ी नो पार्किंग जोन में खड़ी की थी। महिला ने कहा, “पूर्व डीजीपी डीएस चौहान की भतीजी हूं। कन्नौज की रहने वाली हूं। मेरी शादी आगरा में हुई है। आगरा से लखनऊ मंत्री दया शंकर सिंह से मुलाकात करने और अपना इलाज कराने आई थी।”
महिला के पति ने लगाए गंभीर आरोप
ललित सिंह ने आरोप लगाया कि वह लोग पेनाल्टी देकर गाड़ी छोड़ने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकीएक नहीं सुनी। उसकी पत्नी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उसे रिक्शे से अस्पताल पहुंचाया। ललित सिंह ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। हंगामा बढ़ा तो सिविल चौकी इंचार्ज पहुंच गए। दोनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। ललित सिंह ने सिविल चौकी इंचार्ज को ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ तरहरीर दी और कार्रवाई की मांग की।
जॉइंट पुलिस कमिश्नर ने दी जानकारी
जॉइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ी को उठाया गया था। जिस व्यक्ति की गाड़ी थी, उसने मौके पर काफी हंगामा किया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। व्यक्ति ट्रैफिक पुलिस कर्मियों पर पूर्व डीजीपी डीएस चौहान का नाम लेकर अनावश्यक दबाव बना रहा था। वह अपनी पत्नी को पूर्व डीजीपी की भतीजी बता रहा था। हालांकि बाद में उसने अपनी गलती मानी। सरकारी काम में बाधा डालने पर उस पर कार्रवाई की गई।
Published on:
13 Sept 2023 12:41 pm
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