
IAS बी चंद्रकला के साथ CBI की एफआईआर में कई बड़े चेहरों के नाम भी शामिल, अब इन नेताओं की भी फंसेगी गर्दन
लखनऊ. 2012 हमीरपुर खनन घोटाले के मामले में सीबीआई ने आईएएस बी. चंद्रकला के लखनऊ स्थित आवास समेत 12 जगहों पर छापे मारे तो पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया। छापेमारी के बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर सीबीआई ने 2008 बैच की आईएएस बी चंद्रकला समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। ये हैं उनके नाम...
एफआईआर में इन लोगों के नाम
- बी चंद्रकला, आईएएस, तत्कालीन डीएम, हमीरपुर,
- मोइनुद्दीन, तत्कालीन खनन अधिकारी, हमीरपुर,
- रामाआसरे, तत्कालीन खनन क्लर्क, हमीरपुर,
- रमेश कुमार मिश्र, पट्टा धारक, हमीरपुर (एमएलसी),
- दिनेश कुमार मिश्रा, पट्टा धारक, हमीरपुर (एमएलसी रमेश कुमार मिश्र के भाई),
- अंबिका तिवारी, पट्टा धारक, हमीरपुर,
- संजय दीक्षित, पट्टा धारक, हमीरपुर (बीएसपी से चुनाव लड़ चुके हैं),
- सत्यदेव दीक्षित, पट्टा धारक, हमीरपुर (बसपा नेता रहे संजय दीक्षित के पिता),
- राम अवतार सिंह, पट्टा धारक, जालौन (सीनियर क्लर्क थे),
- करन सिंह, पट्टा धारक, जालौन,
- आदिल खान, खननकर्ता, लाजपत नगर, नई दिल्ली,
लगीं ये धाराएं
इन लोगों के साथ ही दूसरे अज्ञात निजी और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी को आईपीसी की धारा 120 बी, 379, 384, 420 और 511 के अलावा एंटी करप्शन एक्ट की धारा 13 (2) और 13 (1) डी के तहत नामजद किया गया है। नामजद अभियुक्तों में शामिल रमेश कुमार मिश्र सपा के एमएलसी हैं, जबकि संजय दीक्षित हमीरपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं।
अखिलेश से पूछताछ पर सपा का पलटवार
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब इस मामले में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी पूछताछ कर सकती है। दरअसल अखिलेश यादव उस समय मुख्यमंत्री के साथ-साथ 2012 से 2013 तक खनन मंत्री भी थे। वहीं सीबीआई द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पूछताछ के मुद्दे पर सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि गठबंधन की आड़ से ही भाजपा घबरा गई है और अपनी सरकार के जरिए विपक्षी नेताओं को फंसाने की साजिश में जुट गई है जनता इनकी असलियत जानती है और इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा का सफाया कर देगी
अभी किन-किन लोगों की फंसेगी गर्दन?
आपको बता दें कि हाईकोर्ट सितंबर 2017 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में अवैध खनन और मनमाने ढंग से खदानों के पट्टे देने को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए पूरे मामले की जांच की गई को सौंपी थी। सीबीआई ने 5 जिलों में जांच शुरू की। इसमें हमीरपुर में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां सामने आईं। यहां 60 से ज्यादा मौरंग खदानों के पट्टे मनमाने ढंग से दिए गए। अकेले चंद्रकला ने ही 50 से ज्यादा पट्टे जारी किए थे। चंद्रकला के अलावा सीबीआई ने यहां तैनात रहे सभी तत्कालीन जिलाधिकारियों और खनन से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की। अब सीबीआई दूसरे जिलों के भी तत्कालीन डीएम और खनन से जुड़े अफसरों से पूछताछ करेगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अवैध खनन मामले में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान यह मामला कहां तक और किन-किन लोगों की गर्दन तक जाएगा, इसकी भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।
Published on:
06 Jan 2019 11:17 am
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