
जहरीली शराब
लखनऊ. यूपी में जहरीली शराब का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिनों राजधानी लखनऊ में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई थी। जहरीली शराब की बिक्री और बढ़ते कहर को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है लेकिन इन सबके बाद भी मनचलों पर कोई असर नहीं दिख रहा। यही वजह है कि लखनऊ के बाद अब प्रयागराज में भी जहरीली शराब पीने वालों का दायरा बढ़ने लगा है। 20 नवंबर की रात प्रयागराज के गंगा पार इलाके में फूलपुरकि कोतवाली अंतर्गत अमिलहवा गांव में जहरीली शराब ने महज दो घंटे में छह लोगों की मौत हो गई। जबकि आठ लोगों की हालत नाजुक है।
फूलपुर कोतवाली अंतर्गत अमिलहवा गांव में रामबाबू जायसवाल की देशी शराब की दुकान पर हर दिन ग्रामीणों का हुजुम रहता है। शुक्रवार रात भी वहां रोज की तरह लोग शराब पीने के लिए पहुंचे। लेकिन थोड़ी ही देर में एक-एक कर शराब पीने वाले लोग बेहोश होकर गिरने लगे व उनके मुंह से झाग निकलने लगी। पुलिस विभाग में जहरीली शराब से मौत की सूचना पर हड़कंप मच गया। आनन फानन में सभी को सीएचसी अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन इसमें से छह की मौत हो गई। एक-एक कर इन सभी ने दम तोड़ दिया। इनके साथ अन्य लोग भी सीएचसी पहुंचे। आठ की हालत नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गया है। मरने वालों में बसंत लाल पटेल (70), शम्भु नाथ मौर्य (50), राज बहादुर (50) और प्यारे लाल बिन्द (40), जगदीश यादव (60) और राजेश गौड़ हैं।एसएसपी प्रयागराज सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि मौत की असली वजह क्या है। सभी के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है।
दूसरे गांव में भी तलाशी
पुलिस अब इलाके के दूसरे गावों में भी शराब खरीदने वालों की तलाश कर रही है। गांव में एम्बुलेंस भी लगा दी गई है, ताकि बीमार होने पर उनको अस्पताल भेजा जा सके। साथ ही पुलिस ने ठेके को सीज करा दिया है। ये सरकारी ठेका संगीता जायसवाल का बताया गया है, जिसे उसका पति श्याम बाबू जायसवाल चला रहा था। हादसे के बाद पुलिस ने श्याम बाबू की तलाश में उसके घर पर दबिश भी दी, लेकिन श्याम बाबू और संगीता दोनों फरार हो गए।
Published on:
21 Nov 2020 09:22 am
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