
लखनऊ. 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले शनिवार को उत्तर प्रदेश की सियासत में उस वक्त उबाल आ गया जब आयकर विभाग ने पश्चिम से लेकर पूर्वी यूपी के कई जिलों में अचानक छापेमारी शुरू कर दी। ये छापेमारी सपा के करीबियों के यहां की गयी। जिसमें राजीव राय, मनोज यादव और गजेन्द्र सिंह सहित 12 से ज्यादा नेताओं के नाम शामिल हैं जिनके आवास और प्रतिष्ठान पर आयकर विभाग ने छापा मारा। लखनऊ, मऊ, मैनपुरी और आगरा में हुई आयकर विभाग की इस कार्रवाई को सियासी हलकों में चुनावों से पहले दबाव की राजनीति करार दिया जा रहा है। इस छापेमारी से गुस्साए सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तो भाजपा की तुलना कांग्रेस से करते हुए कहा कि बीजेपी भी कांग्रेस की तरह बर्ताव कर रही है।
सीएम अखिलेश ने कहा-दबाव की राजनीति कर रही भाजपा
समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव भाजपा पर निशाना साधते हुए कहाकि, भाजपा कांग्रेस की तरह बर्ताव कर रही है। अभी आईटी टीम आई है अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) वाले भी आएंगे। अगर उनके पास पहले से जानकारी थी तो पहले कार्रवाई करनी चाहिए थी। चुनाव से दो महीने पहले ये कार्रवाई हो रही है। जो कि दिखाता है कि आईटी और सीबीआई वाले भी चुनाव लड़ने आएंगे।
अखिलेश ने क्यों की कांग्रेस से तुलना?
आपको बता दें कि जब केन्द्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार थी। तब उसपर भी इसी तरह के आरोप लगते थे। उस समय सीबीआई का इस कदर दुरुपयोग हो रहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को लेकर टिप्पणी करनी पड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट ने यूपीए शासनकाल में सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहा था। बीजेपी ही नहीं दिल्ली सीएम केजरीवाल, ममता बनर्जी, मुलायम सिंह यादव भी तत्कालीन यूपीए सरकार पर ऐसी ही आरोप लगाए थे।
2013 में, जब केन्द्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार थी, तब अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव ने तत्कालीन सरकार पर इनकम टैक्स और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा था कि, “कांग्रेस व केंद्र सरकार के पास सिर्फ दो मुद्दे हैं, सीबीआई के जरिये विपक्ष को धमकाना और इनकम टैक्स के बहाने आर्थिक आधार पर दबाना। दोनों एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।“
Published on:
18 Dec 2021 10:42 pm
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