
SIR को लेकर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, BJP और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Akhilesh Yadav Voter List Issue: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा, राज्य निर्वाचन आयोग और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सामने आते ही सपा की आशंकाएं सही साबित हो गई हैं और यह स्पष्ट हो गया है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने मीडिया कर्मियों का धन्यवाद किया और नए साल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी को मिलकर निरंतर प्रयास करते रहना होगा।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही यह कह दिया था कि करीब चार करोड़ वोट कटेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वोटर लिस्ट आई ही नहीं थी, तब यह आंकड़ा कैसे तय कर लिया गया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री का यह बयान रिकॉर्ड में मौजूद है। उन्होंने कहा कि अगर पहले से ही तय कर लिया गया कि कितने वोट काटे जाएंगे, तो फिर पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष कैसे माना जा सकता है। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग और चुनाव आयोग की SIR लिस्ट में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि यह अंतर अपने आप में संदेह पैदा करता है और पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। अखिलेश यादव ने कहा कि अब समझ नहीं आता कि वोटर लिस्ट आखिर किसके ड्राफ्ट से तैयार हो रही है।
अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर जिला स्तर पर मुकदमे दर्ज कराएगी। इसके लिए पार्टी नेतृत्व की ओर से एक तय फॉर्मेट जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के बूथ लेवल एजेंट (BLA) और PDA प्रहरी को निर्देश दिए जाएंगे कि वे इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने दावा किया कि एक पूर्व भाजपा सांसद ने खुद स्वीकार किया है कि उनके जिले में तीन लाख वोट काटे गए हैं। इसके अलावा दो विधानसभाओं में भी भारी संख्या में वोट कटने की बात सामने आई है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट पुनरीक्षण की आड़ में PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के वोटरों को चुन-चुन कर हटाया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता और मुख्यमंत्री खुलेआम वोट कटने की बात कर रहे हैं, जिससे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों को लेकर आई खबरों से संदेह और गहरा गया है।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि मेरठ जैसे बड़े जिले में भारी संख्या में वोट काटे गए हैं। राजधानी लखनऊ में भी हजारों से लेकर लाखों वोटर सूची से गायब हैं। उन्होंने कहा कि एक ही विधानसभा से लाखों वोटों का कट जाना अकल्पनीय है।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कई चरणों में अलग-अलग बहाने बनाकर वोट काटे गए, ताकि किसी को एक साथ इसका अंदाजा न हो सके।
अखिलेश यादव ने SIR ड्यूटी के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव और अव्यवस्था के बीच कराई गई। सपा ने मृत BLO के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया न केवल अव्यवस्थित थी, बल्कि कर्मचारियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद दबावपूर्ण भी रही।
अखिलेश यादव ने मांग की कि वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से जोड़ा जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और मनमानी की गुंजाइश खत्म हो। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और इस बार की प्रक्रिया ने उन आशंकाओं को और मजबूत किया है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हाल के उपचुनावों में भी वोटरों को मतदान से रोका गया। उन्होंने रामपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि बाद के उपचुनावों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां हुईं। कुंदरकी में सादी वर्दी में लोगों द्वारा वोट डालने के आरोप लगाए गए।
अखिलेश यादव ने अयोध्या का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जीत हासिल करने के लिए हर संभव तिकड़म अपनाई गई। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर सत्ता में बने रहना चाहती है।
Published on:
10 Jan 2026 08:51 pm
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