
लखनऊ में भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद का हुआ शुभारम्भ,पढ़िए पूरी खबर
लखनऊ, राजधानी लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद (आईसीएएस), लखनऊ द्वारा वैदिक ज्योतिष शोध एवं अध्ययन केंद्र का शुभारम्भ हुआ। यह आईसीएएस का 52वां चैप्टर है। इसका उद्देश्य भारतीय वेदों की बहुमूल्य जानकारी को जन-सामान्य तक पहुंचाना है। प्रारम्भ में केंद्र में ज्योतिष प्रवीण व ज्योतिष विशारद जैसे पाठ्यक्रमों का अध्ययन होगा।
इस अवसर पर बोलते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा आईसीएएस के 52वें चैप्टर का उद्घाटन राजधानीवासियों के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। यह केंद्र लोगों के बीच ज्योतिष और सम्बंधित विषयों के सही ज्ञान के प्रसार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ज्योतिष विज्ञान का सही ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे, तो यह उनके लिए आत्म-खोज,विकास के पथ में फायदेमंद होगा। वर्तमान परिस्थितियों में ज्योतिष विज्ञान के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि ज्योतिष विज्ञान ही एकमात्र ऐसा विज्ञान है जिसमें अन्य विज्ञानों का सम्मिश्रण है और भविष्य की भविष्यवाणियां करने ज्योतिष विज्ञान अद्वितीय है।
केंद्र समन्वयक सूर्यकांत मिश्रा ने बताया आईसीएएस लखनऊ केंद्र में प्रारम्भ में ज्योतिष प्रवीण और ज्योतिष विशारद जैसे बुनियादी पाठ्यक्रम का अध्ययन कराया जाएगा। इसके पश्चात नियमित पाठ्यक्रम ज्योतिष विशारद उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को अनुसंधान के लिए उन्नत विषयों में दक्ष करने के उद्देश्य से केंद्र द्विवर्षीय पाठ्यक्रम ज्योतिष भूषण भी प्रारम्भ करेगा। ज्योतिष विषय का अध्ययन करने के इच्छुक विद्यार्थियों के बीच महत्वपूर्ण पारस्परिक कौशल विकसित करने के लिए जल्द ही सिटी मोंटेसरी स्कूल, महानगर शाखा में अध्ययन की शुरुआत होगी। सभा को संबोधित करते हुए आईसीएएस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश चिंतक ने कहा लखनऊ में हमारा 52वां केंद्र खुल रहा है। जो लक्ष्मणनगरी के नाम से व्यापक रूप से लोकप्रिय है। वेद हमारी भारतीय सांस्कृतिक व्यवस्था के मूल में हैं और ज्योतिष को इसका नेत्र माना जाता है। इस वैदिक ज्ञान का प्रचार-ज्योतिष विज्ञान- लोगों को दिव्य दृष्टि से सशक्त और सक्षम बनाता है।
चिंतक ने कहा भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद (आईसीएएस) का गठन 1984 में डॉ बी वी रमन द्वारा किया गया था, और इस दिव्य ज्ञान को वैज्ञानिक तरीके से हर घर तक पहुंचाने का उनका सपना आज वास्तविक एवं मूर्त स्वरूप ले रहा है। आईसीएएस के कानपुर चैप्टर का उद्घाटन 1992 में हुआ था। आज वहां 1800 से अधिक छात्र अध्ययन के लिए पंजीकृत हैं, जिनमें 800 महिलाएं हैं। यह महिलाओं के बीच इस तरह के पाठ्यक्रमों की बढ़ती लोकप्रियता की सकारात्मक प्रवृत्ति पर को दर्शाता है।
Updated on:
16 Aug 2021 09:02 pm
Published on:
16 Aug 2021 08:59 pm
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