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#7thPayCommission : बढ़ी हुई सैलरी के लिए इनको करना होगा और इंतजार

वेतन के लिए जवानों की ओर से मांग की जा रही है कि, सरकार को जूनियर रैंक के अधिकारियों के लिए मिलिट्री सर्विस पेय (एमएसपी) बंद नहीं करनी चाहिए।
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Akansha Singh

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Updated: 16 Aug 2016, 1:15 PM IST

army

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लखनऊ। सातवें वेतन आयोग के मुताबिक 33 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को एक सितंबर से सैलेरी मिलेगी। लेकिन इसका लाभ पाने के लिए सुरक्षाबलों के 14 लाख जवानों को अपने बढ़े वेतन के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने तीनों सेनाओं के वेतन की विसंगतियों को अभी दूर नहीं किया।

वेतन के लिए जवानों की ओर से मांग की जा रही है कि, सरकार को जूनियर रैंक के अधिकारियों के लिए मिलिट्री सर्विस पेय (एमएसपी) बंद नहीं करनी चाहिए। विकलांगता की स्थिति में जो पेंशन दी जाती है, उसके प्रावधान पर भी आपत्ति जताई गई है। इस बार स्लैब के आधार पर पेंशन देने का नियम बनाया गया है। पहले फीसदी के हिसाब से पेंशन तय होती थी। वे स्लैब के आधार पर पेंशन नहीं चाहते। वायुसेना, नौसेना और सेना के प्रमुखों ने जवानों की गुहार पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में कई विसंगतियां बताई हैं। पीएम से इसे दूर करने की गुजारिश की है।

नहीं संतुष्ट हैं जवान

तीनों सेनाओं की ओर से सरकार को यह जानकारी दी गई है कि, वेतन आयोग की सिफारिशों में कई कमियां हैंं। जिसे लेकर जवान संतुष्ट नहीं हैं। मामले में रक्षा मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया है।

रक्षामंत्री को लिखा पत्र

सातवें वेतन को लेकर सुरक्षाबलों की ओर से रक्षामंत्री मनोहर परिकर को भी पत्र लिखा गया। इसमें कहा गया कि, सिफारिशें लागू करने से पहले चार मुख्य विसंगतियों को दूर किया जाना चाहिए। अन्य सामान्य केंद्रीय कर्मचारियों के मुकाबले सुरक्षाबलों के जवानों के वेतन पद और बराबरी से बढ़ने चाहिए।