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Tenant law: किराय पर देनी है प्रॉपर्टी तो जानिए ये कानून, क्या है 11 माह के एग्रीमेंट का लॉजिक

संपत्ति के हस्तांतरण के लिए सिर्फ दो ही तरीके हैं पहला रिजिस्ट्री व दूसरी दान है रजिस्ट्री के तहत संपत्ति के बदले में लाभ प्राप्त कर संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है। रजिस्ट्री के आधार पर दूसरे व्यक्ति के नाम पर सम्पत्ति दर्ज होती है व स्वामित्व हस्तांतरित होता है। दूसरा तरीका है कि संपत्ति का हस्तांतरण दान के रुप में किया जाए। यदि यह दोनों तरीके से संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया गया है तो संपत्ति पर किसी दूसरे व्यक्ति का हक नहीं हो सकता है। इन दो तरीकों के अतिरिक्त वसीयत और वरासत के आधार पर संपत्ति का स्थानांतरण हो सकता है।

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लखनऊ

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Prashant Mishra

Jan 12, 2022

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Tenant law अगर आपके पास कोई संपत्ति है तो आप इस सम्पत्ति को किराय पर देख अच्छी कमाई कर सकते हैं। कई बार मालिक इस डर में किराय पर संपत्ति देता है कि उसकी संपत्ति पर किराएदार कब्जा कर सकता है। मालिक का ये जर लगत है हम आफ को बता दें कि भारतीय कानून में ऐसा कोई भी नियम नहीं है जिसके तहत किराएदार किसी भी संपत्ति पर किराएदार के तौर पर कब्जा कर सकता है। सम्पत्ति को लेकर भारत में कई कानून बहुत प्रभावित है जो मालिक की सम्पत्ति की रक्षा करते हैं। ऐसे में सम्पत्ति को किराय पर देने से डरने की जरूरत नहीं है।

देश के कानून की लिस्ट में ऐसा को भी कानून नही है जिसकी मदद से किराएदार संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। भारती कानून पूरी तरह से मकान मालिक को सुरक्षा देते हैं। कोर्ट में यदि यह साबित कर लिया जाए की सम्पत्ति किराय पर दी गई है तो न्यायालय मालिक के आग्रह पर किरायदार के खिलाफ बेदखली की कार्यवाई करता है।

हस्तांतरण के नियम मजबूत

संपत्ति के हस्तांतरण के लिए सिर्फ दो ही तरीके हैं पहला रिजिस्ट्री व दूसरी दान है रजिस्ट्री के तहत संपत्ति के बदले में लाभ प्राप्त कर संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है। रजिस्ट्री के आधार पर दूसरे व्यक्ति के नाम पर सम्पत्ति दर्ज होती है व स्वामित्व हस्तांतरित होता है। दूसरा तरीका है कि संपत्ति का हस्तांतरण दान के रुप में किया जाए। यदि यह दोनों तरीके से संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया गया है तो संपत्ति पर किसी दूसरे व्यक्ति का हक नहीं हो सकता है। इन दो तरीकों के अतिरिक्त वसीयत और वरासत के आधार पर संपत्ति का स्थानांतरण हो सकता है।

एग्रीमेंट के बाद दे किराय पर सम्पत्ति

ऐसे में अगर आप अपनी संपत्ति को किराए पर देना चाहते हैं तो उसके लिए आप एग्रीमेंट कराकर संपत्ति को किराए पर दे सकते हैं। इसमें किसी तरह का कोई दिक्कत नहीं है। आप एक साल से कम या अधिक समय तक एग्रीमेंट कर के सम्पत्ति को किराय पर दे सकते हैं। एग्रीमेंट करने के लिए आपको वकील की मदद से ₹500 या अधिक के स्टांप पेपर पर नोटरी करानी पड़ती है। किराएदार से भुगतान लेने पर रसीद देना भी आवश्यक है। ऐसा करने से किराएदार आप की सम्पत्ति पर कभी भी कब्जा नहीं कर सकेगा। अगर किराएदार ऐसा करने का प्रयास करता है तो फिर कोर्ट आप की सम्पत्ति खाली कराने में आपकी मदद करेगा।

11 माह का एग्रीमेंट का लॉजिक

सामान्यता सम्पत्ति मालिक अपनी सम्पत्ति को किराय पर देने के लिए 11 माह का अनुबंध करते हैं। माना जाता है कि 11 माह से अधिक का अनुबंध करने पर किराएदार का जमीन पर मालिकाना हक हो सकता है। जबकि ऐसा कोई नियम नहीं है। 11 महीने का अनुबंध मात्र एक चलन है जिसका कोई कनूनी अर्थ नहीं है। किराए पर संपत्ति देने के लिए 1 साल से कम या 1 साल से अधिक 100 साल तक एग्रीमेंट किया जा सकता है। 100 साल का एग्रीमेंट करने पर भी संपत्ति का मालिकाना हक हस्तांतरित नहीं हो सकता है।