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गरमी में ट्रेनों में सीट की मारामारी, हवाई यात्रा हुई महंगी, अब बस पर भरोसा

गर्मी का मौसम आते ही ट्रेनों में सीट के लिए मीरामारी शुरू हो जाती हैं।

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indian railway not solve people problem for Seat

लखनऊ. गर्मी का मौसम आते ही ट्रेनों में सीट के लिए मीरामारी शुरू हो जाती हैं। गर्मियों में सीट के आरक्षण के लिए रेलवे स्टेशनों पर भारी मात्रा में योत्रियों की भीड़ जमा हो जाती है। इसके बाद भी रेल प्रशासन यात्रियों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है और न ही कोई समस्याएं हल की जा रही हैं।

गर्मी के मौसम में ट्रेन में सीटों को लेकर इन दिनों मारामारी बड़े ही जोरों से चल रही है। ट्रेन के जनरल कोचों की तो बात छोड़ो, यात्री एसी और स्लीपर कोचों में भी दूसरों की सीटों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। गर्मी के मौसम में ट्रेनों की लेटलतीफी अभी भी जारी है। यात्रियों का कहना है कि कुछ ट्रेनें अभी भी 14 से 17 घन्टे लेट चल रही हैं। जिससे यात्रियों को भी कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ झांसी इंटरसिटी भी कई दिनों से 5 से 6 घण्टें लेट चल रही है। जिससे यात्रियों का समय भी प्रभावित हो रहा है लेकिन इससे रेल प्रशासन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा हैं।

पानी की कमी से यात्रियों को परेशानी

गर्मी के मौसम में ट्रेनों के लेट होने के साथ-साथ पानी की कमी से यात्रियों को काभी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। कई स्टेशन तो ऐसे हैं जहां पर पीने के लिए पानी की भी व्यवस्था नहीं हैं। कुछ स्टेशनों पर पानी की व्यवस्था तो है लेकिन यात्रियों की भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है कि कुछ यात्री पानी पीने के लिए रह ही जाते हैं। वहीं पानी के चक्कर में कई लोगों की ट्रेंने छूट जाती हैं।

हवाई यात्रा हुई महंगी

जब से ट्रेनों का समय लेट होना शुरू हुआ है तब से हवाई यात्रा भी महंगी कर दी गई हैं। जिससे यात्रियों का पॉकिट पर भी खर्चा बढ़ गया हैं। जब यात्री को ट्रेन में सीट नहीं मिलती है तब यात्री हवाई यात्रा करने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में ऊपर से गर्मी के साथ-साथ यात्रियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

अब बस पर भरोसा

जब यात्रियों को ट्रेन में सीट नहीं मिलती है और हवाई यात्रा करने के लिए उसके पास पैसे नहीं होते हैं तो उसके पास एक ही रास्ता बचता हैं कि वह बस से यात्रा करें। ऐसी गर्मी में जब यात्री को कोई सुविधा नहीं मिल रही हैं तो वह केवल बस पर ही भरोसा कर सकता हैं। इसलिए अब यात्रियों को बस पर ही भरोसा हैं क्योंकि बस ही यात्रियों को समय से पहुंचा सकती हैं।