
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरा होने के बाद कानपुर से दिल्ली की यात्रा सवा 4 घंटे में पूरा कर सकेंगे। इसके अलावा प्रयागराज पहुंचने में दो घंटे लगेंगे। कानपुर से लखनऊ का भी सफर मात्र 45 मिनट में पूरा हो सकेगा। ये तब होगा जब खुर्जा से न्यू सुजातपुर तक मालगाडि़यां डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (रिजर्व ट्रैक) पर दौड़ने लगेंगी।
रेलवे के अनुसार 2023 तक ये काम हो जाएगा। जिससे मेल गाड़ियों को खाली ट्रैक मिलेंगे और गाड़ियां सही समय पर अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सकेंगी। इसके अलावा ट्रेनों को अब आउटर पर ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना होगा।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 80 फीसदी हो चुका है काम
रेलवे का कहना है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को मिशन रफ्तार के साथ काम कर रहा है। खुर्जा से सुजातपुर तक बन रहा रिजर्व का काम लगभग 80 फीसदी हो चुका है। रेलवे ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मार्च 2023 रखा था, लेकिन नदी पर बन रहे पुल का निर्माण सही समय पर नहीं हो सका। जिससे इसकी समय सीमा को बढ़ा दी गई है।
गाडियों के स्पीड में आएगी तेजी
दरअसल कानपुर से दिल्ली की यात्रा करने में अब कम समय लगेगा। क्योंकि कानपुर से दिल्ली का पूरा ट्रैक 90 केजी में बदल चुका है। अब दो कॉशन बचे हैं, जिन पर काम चल रहा है। रेलवे ट्रैक पर एक के पीछे एक मेल गाड़ियां दौड़ेगी, क्योंकि अब रेलवे सेक्शन ऑटोमैटिक होंगे। मेल एक्सप्रेस की अधिकतम स्पीड 130 किमी से 160 किमी हो जाएंगी।
Updated on:
12 Nov 2022 08:07 am
Published on:
12 Nov 2022 07:33 am
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