
लखनऊ. मण्डल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की वर्ष 2017-18 की तृतीय तिमाही की बैठक गुरुवार को सम्पन्न हुई। बैठक में मण्डल के कार्यालयों एवं स्टेशनों पर हो रहे हिंदी के प्रयोग एवं प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान मण्डल रेल प्रबन्धक विजयलक्ष्मी कौशिक ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि हिंदी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना हमारे संवैधानिक दायित्व के साथ ही नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि राजभाषा अधिनियम के तहत आने वाले सभी प्रलेख मुख्य रूप से निविदा और संविदा अनिवार्य रूप से हिंदी और अंग्रेजी भाषा में हों।
सरल शब्दों के उपयोग पर जोर
इसके पहले बैठक में आये अधिकारियों का स्वागत करते हुये अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं अपर मण्डल रेल प्रबन्धक मुकेश ने अपने सम्बोधन में कहा कि सरकारी काम काज में राजभाषा हिन्दी के प्रयोग में कठिन हिन्दी के शब्दों से बचते हुये हर सम्भंव, सरल,सहज तथा आम बोल चाल के शब्दों व वाक्यों का ही प्रयोग किया जाये ताकि विषय की बोधगम्यता व स्पष्टता बनी रहे।
मंडल के सभी अफसर रहे मौजूद
लखनऊ मंडल के राजभाषा अधिकारी शैलश कुमार मिश्र ने राजभाषा कार्यान्वयन समिति का संचालन करते हुए रेलवे बोर्ड की मानक कार्यसूची के अनुसार विभागवार रपट प्रस्तुत किया तथा अवगत कराया कि सभी के प्रयास से पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल को अप्रैल-सितम्बर छमाही वर्ष 2017-18 की अवधि मे राजभाषा के प्रयोग-प्रसार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार स्वरुप स्मृति-चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही इसी अवधि में ‘हिंदी कार्यशाला’ के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए पुरस्कार स्वरुप प्रशस्ति पत्र नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति कार्यालय-3 लखनऊ द्वारा प्राप्त हुआ। इस अवसर पर मण्डल के समस्त शाखाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
Updated on:
22 Dec 2017 06:16 pm
Published on:
22 Dec 2017 05:53 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
