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अयोध्या में भूमिपूजन के बाद लखनऊ में खुलेगा इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का ऑफिस

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन (Ram Mandir Bhoomipujan) संपन्न होने के साथ ही उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) ने मस्जिद निर्माण को लेकर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं

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अयोध्या में भूमिपूजन के बाद लखनऊ में खुलेगा इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का ऑफिस

अयोध्या में भूमिपूजन के बाद लखनऊ में खुलेगा इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का ऑफिस

लखनऊ. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन (Ram Mandir Bhoomipujan) संपन्न होने के साथ ही उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) ने मस्जिद निर्माण को लेकर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। बोर्ड द्वारा गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन जल्द ही लखनऊ में अपना ऑफिस खोलेगा। इसका ऑफिस बर्लिंगटन स्क्वायर में बनना शुरू हो गया है। यहां अयोध्या में मिली पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद निर्माण व अन्य चीजों से जुड़ी सभी गतिविधियों के बारे में निर्णय किया जाएगा। फाउंडेशन का पैन कार्ड बन गया है, जल्द ही अकाउंट खोलने की तैयारी है। ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया कि इंडो इस्लामिक कल्चरल ट्रस्ट का गठन पुराने सभी विवादों को खत्म कर कुछ नया व सकारात्मक करने के लिए हुआ है। इसी कोशिश में यह ट्रस्ट काम करेगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पास होगा अकाउंट खोलने का प्रस्ताव

अतहर हुसैन ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण फिलहाल कोई बैठक नहीं रखी गई है। जल्द ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैंक एकाउंट खोलने का प्रस्ताव पास कराया जाएगा। ऑफिस तैयार होने के बाद वहां फाउंडेशन के पदाधिकारियों की बैठक की जाएगी। इसमें आगे की रणनीति तय होगी। साथ ही एक वेबपोर्टल तैयार किया जाएगा। इसमें फाउंडेशन की सभी जानकारी मौजूद रहेगी।

गौरतलब है कि पिछले साल नौ नवंबर को राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में किसी अन्य स्थान पर पांच एकड़ जमीन देने का वादा किया था। इसके अनुपालन में अयोध्या जिले की सोहावल तहसील स्थित धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दी गई थी। इस पांच एकड़ भूमि पर अस्पताल, विद्यालय, इस्लामिक कल्चरल गतिविधियां बढ़ाने वाले संस्थान और लाइब्रेरी बनाने के साथ ही सामाजिक गतिविधियां बढ़ाने वाले कार्यक्रम संचालित होंगे।

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