
यूपी से लगी सीमा सील, बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी
लखनऊ. नेपाल की ओली सरकार ने नये नक्शे में भारत के तीन इलाकों को अपनी सीमा में दर्शाया तो भारत सरकार ने विरोध करते हुए इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ गई है। बॉर्डर पर एसएसबी के जवान पहरा दे रहे हैं। खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हैं। एसएसबी से मिली जानकारी के मुताबिक नेपाल ने सीमा पर कुछ नई चौकियां यानी आउटपोस्ट भी बना ली हैं। इस खबर के बाद न सिर्फ भारत की ओर सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है, बल्कि सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारी लगातार उसकी मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सात जिलों की सीमाएं नेपाल बॉर्डर से जुड़ी हैं, जो लॉकडाउन के बाद से ही सील हैं। विशेष अनुमति के बाद ही किसी को आने-जाने दिया जा रहा है। नक्शा विवाद के बाद चौकसी और तेज हो गई है।
नेपाल ने अपने नए नक्शे में लिपुलेख, कालापानी और लिपिंयाधुरा जैसे क्षेत्रों को दिखाया है, जिस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसका विरोध किया है। नेपाल ने अपना नया नक्शा संसद की मंजूरी के साथ जारी भी कर दिया। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि चीन के बहकावे में आकर नेपाल भारत की खिलाफत कर रहा है जो सही नहीं है।
श्रावस्ती
श्रावस्ती जिले की 45 किलोमीटर सीमा नेपाल को टच करती है जो फिलहाल सील है। कोरोना संकट के दौरान ही जिले की सीमाएं सील कर दी गई थीं। बॉर्डर पर एसएसबी साथ यूपी पुलिस भी तैनात है। दोनों तरफ पुलिस का कड़ा पहरा है।
बहराइच
बहराइच-नेपाल बॉर्डर के दोनों ओर पुलिस का कड़ा पहरा है। अपनी तरफ के नो मेंस लैंड में नेपाली पुलिस ने टेंट लगाकर चौकी बना ली है। बॉर्डर पर पुलिस का कड़ा पहरा है। सभी की आवाजाही बंद है और सीमाएं पूरी तरह से सील हैं।
लखीमपुर
लखीमपुर खीरी की करीब 63 किलोमीटर लंबी सीमा पूरी तरह से सील है। दोनों तरफ फोर्स तैनात है और सभी तरह की आवाजाही प्रतिबंधित है। एसएसबी के साथ-साथ खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हैं।
पीलीभीत
पीलीभीत जिले की करीब 45 किलोमीटर सीमा नेपाल से जुड़ी है जो फिलवक्त पूरी तरह से सील है। बॉर्डर पर एसएसबी तैनात है। किसी भी तरह के मूवमेंट की इजाजत नहीं है।
बलरामपुर
बलरामुपर जिले का 50 से 60 किलोमीटर का एरिया नेपाल की सीमा को टच करता है। जिले से पड़ोसी देश में जाने के लिए कोई मेन रोड नहीं है। पगडंडियों के सहारे लोगों का आवागमन जारी है। आज भी नेपाल के कोयलाबॉस क्षेत्र के लोग जिले में सामान खरीदने आते हैं। इनके आने-जाने पर किसी तरह की रोक नहीं है।
महाराजगंज-सिद्धार्थनगर
गोरखपुर मंडल के दो जिले महाराजगंज और सिद्धार्थनगर की सीमा नेपाल बॉर्डर जुड़ी है। महाराजगंज का सोनौली और सिद्धार्थनगर का बढ़नी क्षेत्र की नेपाल से जुड़ी सीमाएं पूरी तरह से सील हैं। किसी को भी आने जाने की अनुमति नहीं है।
Published on:
20 Jun 2020 03:45 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
