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Lucknow News: अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, पांच बदमाश गिरफ्तार, शातिर दिमाग देखकर चकराई पुलिस

Lucknow News: आशियाना पुलिस और डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम ने बुधवार रात लखनऊ में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के पांच बदमाश गिरफ्तार किए। गिरोह का पर्दाफाश कर पुलिस ने उनके पास से चोरी की 10 कार समेत 2 बाइकें बरामद की हैं।

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लखनऊ

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Vishnu Bajpai

May 12, 2023

interstate thieves gang Five miscreants arrested in Lucknow

अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, पांच बदमाश गिरफ्तार

Lucknow News: आशियाना थाने की पुलिस व डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम ने बुधवार रात अंतरराज्यीय वाहन चोरों के गिरोह का पर्दाफाश कर 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से चोरी की 10 चार पहिया वाहन और 2 बाइकें बरामद हुई हैं। गिरोह के सदस्य दूसरे प्रदेशों में नंबर प्लेट बदल कर चोरी की गाड़ियां बेचते थे। पूछताछ में तीनों ने अपना नाम मो.सलीम, शिवांश त्रिपाठी और अभिषेक बाजपेयी बताया। तीनों बदमाश जिस गाड़ी में बैठे थे, वह भी चोरी की थी। तीनों के पास से चोरी की तीन कारें व उपकरण बरामद हुए हैं। इनका चोरी करने का शातिर दिमाग देखकर पुलिस भी चकरा गई।

होंडा सिटी में बैठे बदमाशों से पूछताछ होते ही खुला खेल
डीसीपी पूर्वी हृदेश कुमार ने बताया कि एक गुप्त सूचना पर उनकी टीम और आशियाना पुलिस ने गुरुवार को रमाबाई वीआईपी पार्किंग गेट के पास से होंडा सिटी कार में मौजूद तीन बदमाशों से पूछताछ शुरू की। तीनों ने अपना नाम मो. सलीम, शिवांश त्रिपाठी और अभिषेक बाजपेयी बताया। इस दौरान पता चला कि तीनों बदमाश जिस गाड़ी में बैठे हैं, वह भी चोरी की है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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इसके बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस को चोरी की तीन कारें और अन्य उपकरण बरामद हुए। साथ ही दो साथियों को अभिनव वाजपेयी और सोनू उर्फ वसीम को भी गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों से पुलिस को चोरी की 7 चार पहिया वाहन और दो बाइकें बरामद की हैं। इन लोगों के पास से गाड़ियों के 27 फर्जी नंबर प्लेट और कार की 15 चाबियां भी मिली हैं।

की-स्कैनर डिवाइस से करते थे गाड़ी को अनलॉक
डीसीपी पूर्वी हृदेश कुमार ने बताया कि यह लोग पहले चार पहिया वाहनों की रेकी करते थे। उसके बाद स्कैनर डिवाइस व प्रोग्रामर पैड व लैपटॉप की मदद से गाड़ी को अनलॉक कर स्टार्ट कर लेते थे। इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि की स्कैनर डिवाइस आईडी पर ही मिलता है। बदमाश इसका इस्तेमाल कर तुरंत नया रिमोट तैयार कर लेते थे। यही नहीं कबाड़ी से एक्सिडेंटल व नीलामी की गाड़ियां खरीद कर उसका चेचिस नंबर व कागजात इस्तेमाल करते थे।

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पुलिस ने बताया कि चेचिस नंबर और आरसी सही होने से किसी को कोई शक नहीं होता था। आरटीओ में भी बदमाश आसानी से ग्राहकों को ट्रांसफर कर गाड़ी बेच देते थे। बदमाशों के पास एक्सिडेंटल व टोटल लॉस की जो भी गाड़ियां मौजूद रहती थी, उसी रंग की वही गाड़ी चुराते थे।

दिल्ली से चल रहा गिरोह, 100 से अधिक गाड़ियां बेच चुके
वाहन चोरों का गिरोह दिल्ली से संचालित हो रहा है। इनके पास से मिलीं अधिकतर गाड़ियां यूपी, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड से चुराई जा रही हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों मेरठ निवासी मुकीम कबाड़ी, दिल्ली निवासी दीन मोहम्मद, रिजवान व कुलदीप सिंह, सीतापुर निवासी सुल्तान और शाहजहांपुर निवासी विवेक दीक्षित को तलाश रही है। पकड़े गए सलीम व अभिषेक का कार बाजार का व्यवसाय रहा है। दोनों के खिलाफ खिलाफ विभूतिखंड, रायबरेली व गुरुग्राम में कई मुकदमे दर्ज हैं।