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अयोध्या विवाद में फैसला आने से पहले इकबाल अंसारी ने कर दिया बड़ा एेलान, मचा हड़कंप

अयोध्या विवाद में फैसला आने से पहले इकबाल अंसारी ने कर दिया बड़ा एेलान, मचा हड़कंप    
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लखनऊ

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Ruchi Sharma

•

Sep 27, 2018

ayiodhya

अयोध्या मंदिर-मस्जिद में फैसला आने से पहले इकबाल अंसारी ने कर दिया बड़ा एेलान, मचा हड़कंप

लखनऊ. अयोध्या के राममंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट आज एक अहम मुद्दे पर फैसला लेने जा रहा है। हालांकि इस फैसले का असल मुद्दे से कोई लेना देना नहीं है। बता दें कि आज सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला सुना सकता है कि मस्जिद में नमाज पढ़ना इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा है या नहीं, क्या इस मामले को बड़े संवैधानिक बेंच को भेजा जाए। इस फैसले का लंबे वक्त से इंतजार है।

इकबाल अंसारी ने दिया बड़ा बयान

बाबरी मस्जिद का मुख्य मुद्दई इकबाल अंसारी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा, हमें मंजूर है। मस्जिद में मूर्ति रखी गई, मस्जिद तोड़ी गई, फैसला कोर्ट को सबूतों के बुनियाद पर करना है। उन्होंने कहा कि मस्जिद इस्लाम का एक अंग है। मस्जिद तोड़ दी गई, अब अगर नमाज जमीन पर बैठकर की जाएगी तो वह जगह मस्जिद ही कहलाएगी। मस्जिद की जमीन ना किसी को दी जा सकती है। और ना बेची जा सकती है। वह हमेशा मस्जिद ही कही जाएगी। हम कोर्ट पर विश्वास करते हैं। कानून पर विश्वास करते हैं। कोर्ट फैसला करे। इधर करे या उधर करे, क्योंकि इसके पहले इस पर इतनी राजनीति की जा चुकी है।

बता दें कि राम मंदिर के लिए होने वाले आंदोलन के दौरान 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिरा दिया गया था। इस मामले में आपराधिक केस के साथ-साथ दीवानी मुकदमा भी चला। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 को अयोध्या टाइटल विवाद में फैसला दिया था। फैसले में कहा गया था कि विवादित लैंड को 3 बराबर हिस्सों में बांटा जाए, जिस जगह रामलला की मूर्ति है उसे रामलला विराजमान को दिया जाए। सीता रसोई और राम चबूतरा निर्मोही अखाड़े को दिया जाए जबकि बाकी का एक तिहाई जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी जाए। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला विराजमान और हिंदू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। वहीं, दूसरी तरफ सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अर्जी दाखिल कर दी। इसके बाद इस मामले में कई और पक्षकारों ने याचिकाएं लगाई।

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