
Up election 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की बात चले और इसमें माफिया और दबंग नेताओं की चर्चा न हो तो बात अधूरी सी रहती है। इस बार राजनीतिक पार्टियां दबंग छवि के नेताओं को टिकट देने से बचती हुई नजर आ रही है। लेकिन दबंगों को लेकर पार्टी की पैंतराबाजी जारी है। कोई सहयोगी दल की मदद से दबंगों को टिकट बांटने की तैयारी कर रहा है तो कोई दबंग के परिवार के सदस्य को टिकट देकर अपनी किरकिरी होने से बचाने का प्रयास कर रहा हूं।
जिन विधायकों या राजनेताओं के ऊपर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं उन्हें पार्टी का टिकट देने से बचती हुई नजर आ रही हैं। ऐसे में यह दबंग नेता अपने परिवार के सदस्य को टिकट दिलाने का काम कर रहे हैं और इन के माध्यम से विधानसभा का रास्ता तलाश रहे हैं।
आपराधिक छवि के नेताओं को टिकट देने से बच रहे अखिलेश यादव को विधायक नाहिद हसन की गिरफ्तारी के बाद सफाई देनी पड़ी थी। अखिलेश यादव ने ऐलान किया था कि नाहिद हसन के परिवार के उस सदस्य को टिकट दिया जाएगा जिसके ऊपर कोई भी मुकदमा नहीं है। जिसके बाद नाहिद की बहन इकरा हसन को मैदान में उतारा गया है इकरा हसन इन दिनों क्षेत्र में काफी एक्टिव है वह जनसंपर्क कर रही हैं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा रही वह लंदन से पढ़ाई कर वापस लौटी इकरा कैराना में पिछले कई दिनों से प्रचार कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में कई माफिया व दबंग छवि के नेता है जो खुद को पीछे कर परिवार के सदस्य को आगे कर विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने के जुगाड़ में लगे हुए हैं। कई दबंग छवि के नेताओं को अपने परिवार के सदस्यों को टिकट दिलाने में कामयाबी मिल गई है तो वहीं कई लाइन में लगे हुए हैं। फतेहाबाद से अशोक दीक्षित की बेटी रूपाली दीक्षित को समाजवादी पार्टी से टिकट मिल गया है। वहीं मुख्तार अंसारी के भाई सिबगतुल्लाह अंसारी भी समाजवादी पार्टी जॉइन कर चुके हैं। फर्रुखाबाद सदर से विधायक रहे विजय सिंह वर्तमान में जेल में है और जेल से ही अपने भतीजे करण सिंह के टिकट के लिए पैरवी कर रहे हैं।
Published on:
21 Jan 2022 12:00 pm
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